बकरीद से ठीक एक हफ्ते पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों पर नमाज को लेकर बड़ा बयान दिया है। लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि प्रदेश में सड़कों पर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। योगी ने कहा कि योगी ने कहा कि नमाज पढ़नी है तो तय जगह पर पढ़िए। संख्या ज्यादा है तो शिफ्ट में पढ़ लीजिए। हम नमाज नहीं रोकेंगे, लेकिन सड़क पर अराजकता नहीं होने देंगे। सड़कें नमाज पढ़ने या किसी तरह की भीड़ जुटाने के लिए नहीं हैं।
मुख्यमंत्री के इस बयान ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में नई बहस शुरू कर दी है। खासतौर पर इसलिए क्योंकि बकरीद नजदीक है और प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पहले से अलर्ट मोड पर है।
योगी ने साफ कहा- सड़कें यातायात के लिए हैं
कार्यक्रम के दौरान योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सड़कें आम नागरिकों के आने-जाने के लिए बनी हैं। कोई भी समूह धार्मिक गतिविधि के नाम पर ट्रैफिक बाधित नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि सरकार नमाज के खिलाफ नहीं है, लेकिन सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी। सीएम ने यह भी कहा कि अगर लोग नियमों का पालन करेंगे तो स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन अव्यवस्था फैलाने की कोशिश हुई तो सरकार दूसरा तरीका अपनाने से पीछे नहीं हटेगी। उनके इस बयान को प्रशासनिक सख्ती के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
बरेली हिंसा का जिक्र कर दिया संदेश
योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में बरेली की घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वहां लोगों ने ताकत आजमाने की कोशिश की थी और सरकार ने कानून का पालन भी करवाया। दरअसल, सितंबर 2025 में बरेली में एक विवाद के बाद प्रदर्शन हुआ था। पुलिस द्वारा रोकने पर पथराव और तनाव की स्थिति बनी थी। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। अब योगी सरकार उसी उदाहरण के जरिए कानून व्यवस्था पर अपने सख्त रुख को दोहराती नजर आ रही है।
कानून-व्यवस्था और विकास को जोड़ा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रदेश की कानून-व्यवस्था को विकास से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि पहले यूपी की पहचान कट्टा और बम से होती थी, लेकिन अब यहां ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है। उनका कहना था कि सकारात्मक माहौल निवेश और रोजगार दोनों बढ़ाता है। योगी ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ योजना का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश अब माफिया राज से बाहर निकल चुका है। सरकार हर जिले में उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार बढ़ाने पर काम कर रही है।
महिलाओं की सुरक्षा और यूपी मॉडल पर जोर
सीएम योगी ने दावा किया कि यूपी में महिलाओं की सुरक्षा पहले से बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि अब महिलाएं रात की शिफ्ट में भी काम कर रही हैं और सुरक्षित घर लौट रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश अब ‘बीमारू राज्य’ की श्रेणी से बाहर निकल चुका है। सरकार के मुताबिक राज्य लगातार राजस्व अधिशेष की स्थिति में है और अब विकास योजनाओं के लिए केंद्र पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ता।
पहले भी लागू हो चुका है प्रतिबंध
योगी सरकार पहले ही सार्वजनिक सड़कों पर नमाज को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी कर चुकी है। 2022 और 2023 में प्रशासन ने आदेश दिया था कि ईद, अलविदा जुमा या अन्य धार्मिक अवसरों पर सड़क पर नमाज की अनुमति नहीं होगी। सरकार का कहना रहा है कि धार्मिक आयोजन केवल मस्जिद, ईदगाह या निर्धारित स्थलों के भीतर ही होने चाहिए। बकरीद से पहले मुख्यमंत्री के नए बयान को उसी नीति की दोबारा पुष्टि माना जा रहा है।