IPL को अक्सर सपनों की लीग कहा जाता है… लेकिन हर सपना एक रात में पूरा नहीं होता। कुछ कहानियां वक्त लेती हैं, बहुत वक्त। ऐसी ही कहानी है रघु शर्मा की, जिन्होंने 15 साल इंतजार किया और जब मौका मिला, तो एक छोटी सी पर्ची ने उन्हें पूरे देश में चर्चा का विषय बना दिया दरअसल, मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जाएंट्स के मुकाबले में उनका पहला IPL विकेट आया… लेकिन जश्न अलग था। कैमरे के सामने उन्होंने जो पर्ची दिखाई, उसमें दर्द भी था, विश्वास भी और वही अब वायरल हो चुकी है।
‘जय श्रीराम’ पर्ची में छुपा 15 साल का दर्द
विकेट लेने के बाद रघु शर्मा ने जो पर्ची दिखाई, उस पर लिखा था
"राधे राधे… 15 साल का दर्द खत्म हुआ… जय श्रीराम"
यह सिर्फ जश्न नहीं था। यह एक क्रिकेटर की अधूरी कहानी का पूरा होना था। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर लोग सिर्फ विकेट नहीं, उस सफर की बात कर रहे हैं जो यहां तक पहुंचा।
जालंधर से शुरू हुआ सफर, लेकिन रास्ता आसान नहीं था
पंजाब के जालंधर में जन्मे रघु ने क्रिकेट देर से शुरू किया। 18 साल की उम्र के बाद। शुरुआत तेज गेंदबाज के रूप में की… लेकिन चोट ने रास्ता बदल दिया। फिर उन्होंने लेग स्पिन अपनाई और यहां एक दिलचस्प बात है, उन्होंने स्पिन गेंदबाजी सीखी थी शेन वॉर्न के वीडियो देखकर।
अब सोचिए YouTube से सीखकर IPL तक पहुंचना… आसान नहीं होता।
25 की उम्र में कहा गया अब बहुत देर हो चुकी
क्रिकेट में उम्र अक्सर सबसे बड़ा दबाव बन जाती है। रघु शर्मा को भी यही सुनना पड़ा
"अब बहुत देर हो चुकी है"
लेकिन उन्होंने रुकने के बजाय रास्ता बदला। खेलते रहे, कोशिश करते रहे… भले ही मौके कम मिल रहे थे।
कोच बने, फिर खिलाड़ी बनकर लौटे
जब करियर अटक गया, तो उन्होंने कोचिंग शुरू की। इरफान पठान की क्रिकेट अकादमी से जुड़े और युवा खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दी। अब यहां कहानी दिलचस्प हो जाती है…जो खिलाड़ी दूसरों को सिखा रहा था, वही कुछ साल बाद खुद IPL खेलने उतरता है। ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है।
विदेश में मिला टर्निंग पॉइंट
2022 में श्रीलंका… फिर 2023 में इंग्लैंड। इन्हीं दौरों के दौरान उनकी मुलाकात हुई इमरान ताहिर से। यहीं से उनकी गेंदबाजी में असली बदलाव आया लाइन, लेंथ, कंट्रोल… सब बेहतर हुआ। यानी टैलेंट था, बस सही दिशा मिलनी बाकी थी।
मुंबई इंडियंस ने दिया दूसरा मौका
दिलचस्प बात यह है कि रघु शर्मा पहले भी मुंबई इंडियंस के साथ जुड़े थे लेकिन नेट गेंदबाज के रूप में। सालों बाद वही टीम उन्हें रिप्लेसमेंट खिलाड़ी के रूप में वापस लाती है… और फिर 2026 में उन्हें डेब्यू का मौका मिलता है। कभी नेट्स में गेंद डालने वाला खिलाड़ी… अब उसी टीम के लिए मैदान पर विकेट ले रहा था।
पहला विकेट… लेकिन कहानी उससे बड़ी
लखनऊ के खिलाफ उनका पहला विकेट भले ही आंकड़ों में छोटा लगे 4 ओवर, 36 रन, 1 विकेट. लेकिन असल में यह विकेट था इंतजार का, संघर्ष का और खुद पर विश्वास का और शायद इसी वजह से यह पल इतना खास बन गया।
क्यों खास है रघु शर्मा की कहानी?
यही सवाल अब हर कोई पूछ रहा है…क्योंकि यह सिर्फ क्रिकेट नहीं है। यह उन लोगों की कहानी है जो देर से शुरू करते हैं जिन्हें बीच में रोका जाता है जिनसे कहा जाता है “अब खत्म हो गया” लेकिन वे फिर भी चलते रहते हैं।
#RaghuSharma makes a statement with that wicket 🔥
Years of hard work and belief are finally paying off. 💙🙌🏻#TATAIPL Revenge Week 2026 ➡️ #MIvLSG | LIVE NOW 👉https://t.co/hc4PVkY1Pc pic.twitter.com/QFbQB1OeRg
रघु शर्मा ने साबित किया
अगर खेलना बंद नहीं किया, तो खेल खत्म नहीं होता।