Maoism End & Rehab Policy: Big Shift in India

माओवाद का खात्मा और साय सरकार की पुनर्वास नीति

भारत में माओवाद के खात्मे के दावे के बीच छत्तीसगढ़ की पुनर्वास नीति चर्चा में है। जानिए कैसे सुरक्षा अभियान और विकास मॉडल ने बदली तस्वीर।

By : स्वदेश डेस्क
माओवाद का खात्मा और साय सरकार की पुनर्वास नीति

उमेश चतुर्वेदी

क्या देश के एक तिहाई हिस्से पर कभी समानांतर प्रभाव रखने वाली माओवादी विचारधारा का अब अंत हो जाएगा? यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 को माओवादी आतंकवाद के खात्मे की समयसीमा के रूप में तय किया था। ठीक एक सप्ताह पहले, 25 मार्च को बस्तर के मुख्यालय जगदलपुर में शीर्ष माओवादी नेता पापा राव के नेतृत्व में 18 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। तब यह भी कहा गया कि पापा राव आखिरी महत्वपूर्ण नक्सली कमांडर हैं, जिन्होंने हथियार डाल दिए हैं।

2014 के आम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में माओवाद पर नियंत्रण का वादा किया था। उस समय झीरम घाटी कांड की स्मृति ताजा थी, जिसमें विद्याचरण शुक्ल सहित छत्तीसगढ़ कांग्रेस का लगभग पूरा शीर्ष नेतृत्व माओवादी हमले में मारा गया था।छह अप्रैल 2010 को बस्तर में बारूदी सुरंग हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 76 जवानों की शहादत के बाद देशभर में आक्रोश था। उस समय मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने सख्त कार्रवाई का विचार किया, लेकिन विभिन्न दबावों के कारण वह पूरी तरह लागू नहीं हो सका।

इसके विपरीत, भाजपा नेतृत्व वाली सरकार ने माओवादियों के प्रति सख्त रुख अपनाया। 2019 में केंद्रीय गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने के बाद अमित शाह ने स्पष्ट किया कि या तो नक्सली हथियार छोड़ें या फिर कड़ी कार्रवाई का सामना करें।हाल के वर्षों में कई शीर्ष नक्सली कमांडर मारे गए या उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया। इससे यह संकेत मिला कि सरकार का लक्ष्य पूरा होने की दिशा में है।इस प्रक्रिया में राज्य सरकारों की पुनर्वास योजनाओं की भी अहम भूमिका रही है। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ सरकार की नीति उल्लेखनीय रही। माओवादी प्रभाव में आकर जंगलों में सक्रिय युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए ‘पूना मारगेम’ (नया रास्ता) जैसे अभियानों की शुरुआत की गई।

इस योजना के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को डेढ़ लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता, तीन वर्ष तक मासिक वजीफा और व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा हथियार छोड़ने वालों को प्रोत्साहन राशि, उनके बच्चों की शिक्षा और सुरक्षित आवास की व्यवस्था भी की गई।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पुनर्वास से आगे बढ़कर ‘पुनर्जीवन’ की नीति पर काम किया। इसका उद्देश्य आत्मसमर्पण के बाद स्थायी और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना है।कभी बस्तर जैसे क्षेत्रों में सड़क, बिजली और संचार सुविधाएं पहुंचाना भी कठिन था। लेकिन अब इन इलाकों में सड़क, स्कूल, अस्पताल और यहां तक कि रेलवे परियोजनाओं का विस्तार हुआ है। इससे स्थानीय लोगों में सरकार के प्रति भरोसा बढ़ा है।

आंकड़ों के अनुसार, पिछले 26 महीनों में छत्तीसगढ़ में 2,700 से अधिक माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। केवल मार्च 2026 में जगदलपुर में 108 माओवादियों ने सरेंडर किया, जबकि इससे पहले भी सैकड़ों लोग मुख्यधारा में लौटे।कभी ‘रेड कॉरिडोर’ के नाम से चर्चित यह क्षेत्र, जो नेपाल से आंध्र प्रदेश तक फैला था, अब सिमटता नजर आ रहा है। एक समय यहां 100 से अधिक जिलों में माओवादी प्रभाव था।केंद्र सरकार की ‘विश्वास, विकास और सुरक्षा’ की नीति और राज्य सरकारों के सहयोग से यह बदलाव संभव हुआ है। हालांकि, यह भी सच है कि विचारधाराएं पूरी तरह समाप्त नहीं होतीं। माओवाद एक विचार के रूप में बना रह सकता है, लेकिन उसके हिंसक स्वरूप पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो चुका है। यदि यह विचारधारा लोकतांत्रिक ढंग से आगे बढ़ती है, तो यह व्यवस्था के लिए चुनौती नहीं, बल्कि संवाद का हिस्सा बन सकती है।

 

संबंधित सामग्री

भोपाल में कल BJP की लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ विशाल पदयात्रा, राजनाथ की जगह JP नड्डा करेंगे शुभारंभ

भोपाल में कल BJP की लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ विशाल पदयात्रा, राजनाथ की जगह JP नड्डा करेंगे शुभारंभ

भोपाल में 4 नवंबर को भाजपा की पदयात्रा निकलेगी। राजनाथ सिंह की जगह अब जेपी नड्डा इसका शुभारंभ करेंगे। अटल पथ पर तैयारियां तेज हैं।

Nov 03, 2026
MP Promotion Hold: एमपी के सरकारी कॉलेजों में 500 सहायक प्राध्यापकों का प्रमोशन अटका, तीन साल से फाइल लटकी

MP Promotion Hold: एमपी के सरकारी कॉलेजों में 500 सहायक प्राध्यापकों का प्रमोशन अटका, तीन साल से फाइल लटकी

एमपी के सरकारी कॉलेजों में 2004 और 2005 में भर्ती करीब 500 सहायक प्राध्यापकों का प्रमोशन अटका है। प्राध्यापक संघ ने अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर जल्द निपटारा मांगा है।

Nov 03, 2026
संघ ने राजनारायण बसु की 200वीं जयंती पर किया याद, स्वदेशी और सामाजिक सुधार के अग्रदूत को श्रद्धांजलि अर्पित की

संघ ने राजनारायण बसु की 200वीं जयंती पर किया याद, स्वदेशी और सामाजिक सुधार के अग्रदूत को श्रद्धांजलि अर्पित की

आरएसएस ने स्वदेशी और सामाजिक सुधार के अग्रदूत राजनारायण बसु की 200वीं जयंती पर उन्हें याद किया। इंदौर बैठक में सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने बयान जारी किया।

Nov 03, 2026
वनडे वर्ल्ड कप 2027 में भारत पाकिस्तान मैच के 34 हजार टिकटों के लिए 84 लाख से ज्यादा आवेदन आए हैं। फाइनल के 79 लाख आवेदन

वनडे वर्ल्ड कप 2027 में भारत पाकिस्तान मैच के 34 हजार टिकटों के लिए 84 लाख से ज्यादा आवेदन आए हैं। फाइनल के 79 लाख आवेदन

वनडे वर्ल्ड कप 2027 में भारत पाकिस्तान मैच के 34 हजार टिकटों के लिए 84 लाख से ज्यादा आवेदन आए हैं। फाइनल के 79 लाख आवेदनों से भी यह मांग ज्यादा है।

Nov 03, 2026
Digital Arrest: जांजगीर में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर बुजुर्ग से 32 लाख की ठगी, इंदौर से दो आरोपी गिरफ्तार

Digital Arrest: जांजगीर में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर बुजुर्ग से 32 लाख की ठगी, इंदौर से दो आरोपी गिरफ्तार

जांजगीर में सीबीआई अफसर बनकर बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट करने और 32 लाख ठगने के मामले में पुलिस ने इंदौर से दो आरोपी पकड़े हैं। एक आरोपी पहले पंजाब से पकड़ाया था।

Nov 03, 2026