MP MSME Aid Rises 20 Times in 5 Years

छोटी औद्योगिक इकाई लगाने पांच साल में 20 गुना बढ़ी वित्तीय मदद

मध्यप्रदेश में छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की वित्तीय सहायता पांच वर्षों में 20 गुना बढ़ी। इससे 30 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला।

By : स्वदेश डेस्क
छोटी औद्योगिक इकाई लगाने पांच साल में 20 गुना बढ़ी वित्तीय मदद

राजदेव पांडेय

छोटे उद्यमों में 30 लाख से अधिक रोजगार मिले

अधिक अनुदान से बढ़ी औद्योगिक गतिविधियां

प्रदेश में छोटे-छोटे उद्यमों को बढ़ावा देने सरकार की वित्तीय मदद 'ऑक्सीजन' साबित हुई है। दरअसल मध्यप्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने दो हजार करोड़ से अधिक की विभिन्न प्रकार की वित्तीय मदद दी है।

सामान्य तौर पर आकलन करें तो पिछले पांच सालों में यह वित्तीय मदद 107.74 करोड़ से 20 गुना बढ़कर मार्च 2025 तक 2162 करोड़ तक पहुंच गयी है। मदद का लाभ यह हुआ कि छोटे-छोटे उद्यमों की स्थापना के जरिए प्रदेश में पिछले पांच साल में करीब दो गुना लोगों को रोजगार मिला है। पिछले वित्तीय वर्ष तक छोटे उद्यमों में रोजगार पाने वालों की संख्या 30 लाख से अधिक हो चुकी है।

अनुदान में तुलनात्मक रूप से की गई बढ़ोतरी

आधिकारिक जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-2026 के दौरान दिए गए वित्तीय मददों का अंतिम आकलन के बाद उनके औपचारिक आंकड़े अभी आना बाकी है। हालांकि सूत्र बताते हैं कि अनुदान में तुलनात्मक रूप से बढ़ोतरी की गई है। वित्तीय अनुदान में जबरदस्त बढ़ोतरी विभिन्न औद्योगिक नीतियों के तहत दी गई है। वित्तीय वर्ष 2020-2021 में एमएसएमइ उद्यमों को बढ़ावा देने 107.74 करोड़ की वित्तीय मदद दी थी। 2021-2022 में मदद बढ़ कर 392.45 करोड़, 2022-2023 में 697.43 करोड़, 2023-2024 में कुछ घट कर ये राशि 444.08 करोड़ रह गयी। हालांकि उसके बाद वित्तीय वर्ष 2024-2025 में यह अनुदान बढ़कर अब तक का सर्वाधिक 2162 करोड़ हो गया है। हालिया वित्तीय वर्ष में अनुदान बढ़ा है। वित्तीय मदद छोटे-छोटे उद्यमों को स्थापित करने अनुदान, बिना संपत्ति रखे ऋण, मुद्रो लोन, कार्यशील पूंजी, बीज पूंजी, वेंचर कैपिटल, इक्विटी क्राउड फंडिंग आदि के रूप में सरकार देती है।

कुछ ऐसे बढ़ रही है छोटे उद्योगों की उद्यमिता

वित्तीय वर्ष

पंजीबद्ध एमएसएमई (लाख)

रोजगार सृजन (लाख)

2020-2021

1.87

14.99

2021-2022

2.46

14.08

2022-2023

3.54

18.33

2023-2024

4.57

22.77

2024-2025

5.79

29.61

 

पांच सालों में पंजीबद्ध उद्यमों की संख्या में तीन गुना वृद्धि

सबसे खास बात यह है कि 2020-2021 में राज्य में केवल 1.87 लाख एमएसएमई यूनिट पंजीकृत थीं। लगभग पांच साल बाद, मार्च 2025 तक इनकी संख्या बढ़कर 5.79 लाख से अधिक हो चुकी है। इस तरह 2020-2021 के बाद से अब तक तीन गुना से अधिक इकाइयां पंजीबद्ध हो चुकी हैं। एमएसएमई विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2020-2021 में एमएसएमई उद्यमों में प्रदेश में रोजगार पाने वाले लोगों की संख्या 14.99 लाख थी।


 

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