नई दिल्ली: विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया भर में 50 करोड़ से अधिक लोग आर्थराइटिस से प्रभावित हैं। यह एक ऐसी समस्या है जिसमें जोड़ों में सूजन और दर्द लंबे समय तक बना रहता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, बार-बार पेन किलर लेना शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे में आयुर्वेदिक और घरेलू उपायों से राहत पाने के विकल्प भी मौजूद हैं।
क्या है आर्थराइटिस और क्यों होता है
आर्थराइटिस में जोड़ों के बीच मौजूद कार्टिलेज धीरे-धीरे घिसने लगता है या उनमें सूजन आ जाती है। इसके मुख्य कारणों में बढ़ती उम्र, मोटापा, पुरानी चोट, गलत लाइफस्टाइल और पोषक तत्वों की कमी शामिल हैं। कुछ मामलों में यह ऑटोइम्यून स्थिति के कारण भी होता है, जिसे रूमेटॉइड आर्थराइटिस कहा जाता है।
रोज पेन किलर लेने के नुकसान
विशेषज्ञों का कहना है कि पेन किलर तुरंत राहत देते हैं, लेकिन लंबे समय तक इनके सेवन से गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं। इनमें किडनी डैमेज, पाचन संबंधी समस्याएं और अन्य स्वास्थ्य जोखिम शामिल हैं। इसलिए दर्द के स्थायी समाधान के लिए वैकल्पिक उपायों पर ध्यान देना जरूरी है।
आर्थराइटिस के 5 असरदार घरेलू उपाय
1. गिलोय और हल्दी
गिलोय और हल्दी में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन कम करने में मदद करते हैं। यह जोड़ों की अकड़न और दर्द को घटाने में सहायक है।
2. गिलोय और अदरक
अदरक में मौजूद तत्व ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करते हैं और दर्द को कम करते हैं। गिलोय के साथ लेने पर इसका असर बढ़ जाता है।
3. गिलोय और अश्वगंधा
अश्वगंधा शरीर में तनाव कम करता है और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। यह संयोजन जॉइंट पेन में राहत दे सकता है।
4. गिलोय और गुग्गुल
गुग्गुल सूजन को कम करने और जोड़ों की सेहत सुधारने में उपयोगी माना जाता है।
5. गिलोय और निर्गुंडी
निर्गुंडी में प्राकृतिक दर्द निवारक गुण होते हैं, जो नसों और मांसपेशियों के दर्द को कम करने में मदद करते हैं।
लाइफस्टाइल में बदलाव भी जरूरी
घरेलू उपायों के साथ-साथ कुछ जरूरी बदलाव भी राहत दिला सकते हैं
- नियमित हल्की एक्सरसाइज और योग
- संतुलित और एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट
- वजन नियंत्रित रखना
- पर्याप्त नींद और तनाव से बचाव
- गुनगुने पानी से सिंकाई
किन बातों का रखें ध्यान
विशेषज्ञों के अनुसार, आयुर्वेदिक नुस्खों का सेवन सीमित मात्रा में और डॉक्टर की सलाह से करना चाहिए। खासकर डायबिटीज, बीपी या थायरॉइड के मरीजों को सावधानी बरतनी जरूरी है। अगर दर्द लगातार बढ़ रहा हो, सूजन कम न हो या चलने-फिरने में दिक्कत हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।