हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स करीब 1500 अंक टूटकर 76,000 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी भी लगभग 450 अंक गिरकर 23,600 के नीचे फिसल गया।
सरकारी बैंक शेयरों में भारी बिकवाली
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव सरकारी बैंकों के शेयरों पर देखने को मिला। निवेशकों की बिकवाली के चलते बैंकिंग सेक्टर में कमजोरी आई, जिसका सीधा असर बाजार के प्रमुख इंडेक्स पर पड़ा।विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में अनिश्चितता और वैश्विक संकेतों की कमजोरी के कारण निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।
मिडिल ईस्ट तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर
बाजार में गिरावट की बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम मानी जा रही है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए हुई बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई।अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ किया कि वार्ता में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। इसका असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर देखने को मिला।
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी
वैश्विक संकेतों के चलते एशियाई बाजारों में भी गिरावट दर्ज की गई। निक्केई, हैंगसेंग और कोस्पी जैसे प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं।
अमेरिकी बाजार का मिला-जुला रुख
पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी बाजारों में भी दबाव देखा गया। डाउ जोन्स और S&P 500 में गिरावट रही, जबकि नैस्डैक में मामूली बढ़त दर्ज की गई।
पिछले सत्र में आई थी तेजी
इससे पहले शुक्रवार को बाजार में तेजी देखने को मिली थी। सेंसेक्स 900 अंक से ज्यादा चढ़कर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी भी 24,000 के ऊपर बंद हुआ था। हालांकि, सोमवार को वैश्विक दबाव के चलते बाजार में रुख पूरी तरह बदल गया।