मुंबई: वैश्विक तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के दबाव में भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को गिरावट देखी जा रही है। BSE Sensex करीब 600 अंक गिरकर 77,000 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि Nifty 50 में 150 अंकों की गिरावट के साथ यह 24,000 के आसपास बना हुआ है।
आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव
आज के कारोबार में आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिल रही है। निवेशकों ने टेक कंपनियों के शेयरों से दूरी बनाई है, जिससे बाजार पर नकारात्मक असर पड़ा है। दूसरी ओर, रियल्टी सेक्टर में सीमित खरीदारी देखने को मिली है।
अमेरिका-ईरान तनाव का असर
वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में हालात अस्थिर बने हुए हैं, जिससे तेल आपूर्ति को लेकर आशंका बनी हुई है। यही कारण है कि बाजार में अस्थिरता बढ़ी है।
कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार
Brent Crude Oil की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। तेल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार पर पड़ता है, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 23 अप्रैल को करीब 3200 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। वहीं, इस महीने अब तक कुल मिलाकर लगभग 47 हजार करोड़ रुपए की बिकवाली हो चुकी है। यह लगातार निकासी बाजार में कमजोरी का एक प्रमुख कारण है।
वैश्विक बाजारों का मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। जापान का निक्केई हल्की बढ़त में रहा, जबकि हांगकांग और दक्षिण कोरिया के बाजारों में गिरावट दर्ज की गई।
वहीं, अमेरिकी बाजार भी पिछले कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ा।
एक दिन पहले भी बड़ी गिरावट
गुरुवार को भी बाजार में तेज गिरावट रही थी। सेंसेक्स 852 अंक टूटकर 77,664 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 205 अंक गिरकर 24,173 पर आ गया था।