Bihar Cabinet Expansion : बिहार। भाजपा के सात विधायक मंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ले रहे हैं। बजट और आगामी चुनाव से पहले नितीश कुमार ने बड़ा दिल दिखाते हुए भाजपा के साथ विधायकों को कैबिनेट में जगह दी है। बता दें कि, मौजूदा सरकार में 30 मंत्री हैं। भाजपा के जहां 16 मंत्री हैं वहीं जदयू के 14 मंत्री हैं। बिहार में अधिकतम 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं। दिलीप जायसवाल इस समय बिहार भाजपा के अध्यक्ष हैं। ,एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत को फॉलो करते हुए उन्होंने मंत्री पद छोड़ दिया है। इसके बाद सात विधायकों का नाम सामने आया जिन्होंने अब मंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ले ली है। ये हैं वो भाजपा विधायक जिन्होंने ली मंत्री के रूप में शपथ : मोती लाल प्रसाद - ये दो बार के विधायक हैं। वैश्य समाज से आते हैं। पहली बार मोती लाल प्रसाद ने साल 2010 में चुनाव जीता था। इसके बाद हुआ चुनाव मोती लाल प्रसाद हर गए थे। 2020 के चुनाव में मोती लाल प्रसाद दूसरी बार विधायकी का चुनाव जीते और अब वे मंत्री पद की शपथ ले रहे हैं। राजू कुमार सिंह - मुजफ्फरपुर में जन्में ये विधायक राजपूत समाज से आते हैं। इनका व्यवसाय और उद्योग जगत में भी बड़ा नाम है। साल 2005 में राजू कुमार सिंह ने एलजेपी के टिकट से चुनाव जीता था। इसके बाद वे जदयू में शामिल हो गए। JDU की टिकट पर 2010 में जीत दर्ज की। इसके बाद 2015 में वे भाजपा में शामिल हो गए लेकिन चुनाव हार गए थे। इनका नाम साल 2015 में दिल्ली के फ़ार्म हाउस में हुई हर्ष फायरिंग में भी आता है। अदालत द्वारा 2023 में इस मामले में आरोप तय किए गए थे। डॉ. सुनील कुमार - बिहारशरीफ के विधायक डॉ. सुनील कुमार तीन बार इस सीट से विधायक बने हैं। ये भी एक बिजनेसमैन हैं। साल 2005 में इन्होने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत JDU से की। थी इसके बाद ये 2013 में भाजपा में शामिल हो गए। 68 वर्षीय डॉ. सुनील कुमार को फिल्म बनाने का भी अनुभव है। ये पहली बार मंत्री बनने जा रहे हैं। कृष्ण कुमार मंटू - सारण जिले के अमनौर से विधायक कृष्ण कुमार मंटू पहले जदयू में थे। जदयू में रहते हुए उन्हें मंत्री बनाया गया था। कुर्मी जाति से आने वाले कृष्ण कुमार मंटू किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। विजय कुमार मंडल - ये पांच बार के विधायक हैं। अररिया के सिकटी से एमएलए विजय कुमार मंडल ओबीसी समुदाय से हैं। पहली बार साल 1995 में उन्होंने चुनाव जीता था। इस्सके बाद वे राजद से जुड़ गए। जब उन्हें टिकट नहीं मिला तो उन्होंने निर्दलीय चुनाव जीता। इसके बाद आरजेडी की सरकार ने उन्हें मंत्री भी बनाया था। इसके बाद वे भाजपा में शामिल हो गए। बताया जा रहा है कि, पार्टी से नाराज थे इसलिए अब उन्हें मंत्री बनाया गया है। संजय सरावगी - दरभंगा शहरी क्षेत्र से लगातार पांच बार के विधायक संजय सरावगी ने मंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली है। ABVP से उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। जिवेश कुमार - जाले से विधायक जिवेश कुमार ने ABVP से अपने करियर की शुरुआत की थी। दो बार उन्होंने विधानसभा का चुनाव जीता है। पहली बार में जिवेश कुमार को श्रम और संसाधन मंत्री बनाया गया था।
Bihar Cabinet Expansion : बिहार। भाजपा के सात विधायक मंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ले रहे हैं। बजट और आगामी चुनाव से पहले नितीश कुमार ने बड़ा दिल दिखाते हुए भाजपा के साथ विधायकों को कैबिनेट में जगह दी है। बता दें कि, मौजूदा सरकार में 30 मंत्री हैं। भाजपा के जहां 16 मंत्री हैं वहीं जदयू के 14 मंत्री हैं। बिहार में अधिकतम 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं। दिलीप जायसवाल इस समय बिहार भाजपा के अध्यक्ष हैं। ,एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत को फॉलो करते हुए उन्होंने मंत्री पद छोड़ दिया है। इसके बाद सात विधायकों का नाम सामने आया जिन्होंने अब मंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ले ली है। ये हैं वो भाजपा विधायक जिन्होंने ली मंत्री के रूप में शपथ : मोती लाल प्रसाद - ये दो बार के विधायक हैं। वैश्य समाज से आते हैं। पहली बार मोती लाल प्रसाद ने साल 2010 में चुनाव जीता था। इसके बाद हुआ चुनाव मोती लाल प्रसाद हर गए थे। 2020 के चुनाव में मोती लाल प्रसाद दूसरी बार विधायकी का चुनाव जीते और अब वे मंत्री पद की शपथ ले रहे हैं। राजू कुमार सिंह - मुजफ्फरपुर में जन्में ये विधायक राजपूत समाज से आते हैं। इनका व्यवसाय और उद्योग जगत में भी बड़ा नाम है। साल 2005 में राजू कुमार सिंह ने एलजेपी के टिकट से चुनाव जीता था। इसके बाद वे जदयू में शामिल हो गए। JDU की टिकट पर 2010 में जीत दर्ज की। इसके बाद 2015 में वे भाजपा में शामिल हो गए लेकिन चुनाव हार गए थे। इनका नाम साल 2015 में दिल्ली के फ़ार्म हाउस में हुई हर्ष फायरिंग में भी आता है। अदालत द्वारा 2023 में इस मामले में आरोप तय किए गए थे। डॉ. सुनील कुमार - बिहारशरीफ के विधायक डॉ. सुनील कुमार तीन बार इस सीट से विधायक बने हैं। ये भी एक बिजनेसमैन हैं। साल 2005 में इन्होने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत JDU से की। थी इसके बाद ये 2013 में भाजपा में शामिल हो गए। 68 वर्षीय डॉ. सुनील कुमार को फिल्म बनाने का भी अनुभव है। ये पहली बार मंत्री बनने जा रहे हैं। कृष्ण कुमार मंटू - सारण जिले के अमनौर से विधायक कृष्ण कुमार मंटू पहले जदयू में थे। जदयू में रहते हुए उन्हें मंत्री बनाया गया था। कुर्मी जाति से आने वाले कृष्ण कुमार मंटू किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। विजय कुमार मंडल - ये पांच बार के विधायक हैं। अररिया के सिकटी से एमएलए विजय कुमार मंडल ओबीसी समुदाय से हैं। पहली बार साल 1995 में उन्होंने चुनाव जीता था। इस्सके बाद वे राजद से जुड़ गए। जब उन्हें टिकट नहीं मिला तो उन्होंने निर्दलीय चुनाव जीता। इसके बाद आरजेडी की सरकार ने उन्हें मंत्री भी बनाया था। इसके बाद वे भाजपा में शामिल हो गए। बताया जा रहा है कि, पार्टी से नाराज थे इसलिए अब उन्हें मंत्री बनाया गया है। संजय सरावगी - दरभंगा शहरी क्षेत्र से लगातार पांच बार के विधायक संजय सरावगी ने मंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली है। ABVP से उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। जिवेश कुमार - जाले से विधायक जिवेश कुमार ने ABVP से अपने करियर की शुरुआत की थी। दो बार उन्होंने विधानसभा का चुनाव जीता है। पहली बार में जिवेश कुमार को श्रम और संसाधन मंत्री बनाया गया था।