MP News: बिहार दिवस पर भाजपा का बड़ा सियासी दांव, बिहारियों से कनेक्ट कर रही पार्टी

Update: 2025-03-23 16:06 GMT
बिहार दिवस पर भाजपा का बड़ा सियासी दांव, बिहारियों से कनेक्ट कर रही पार्टी
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  • बिहार चुनाव से पहले बीजेपी की समाजिक समीकरण साधने की कोशिश
  • सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- वृंदावन बिहारी के नाम पर है बिहार 

Madhya Pradesh Sneh Milan Program : भोपाल। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बिहार दिवस के मौके पर मध्यप्रदेश में भव्य स्नेह मिलन कार्यक्रम आयोजित कर बिहारियों से जुड़ने की रणनीति अपनाई। इस आयोजन को बिहार चुनाव 2025 की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है, जहां पार्टी ने अपनी सामाजिक और सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने का प्रयास किया।

बिहार चुनाव से पहले महत्वपूर्ण कवायद

भाजपा का यह आयोजन बिहार में आगामी चुनाव को देखते हुए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी की कोशिश बिहार से जुड़े लोगों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की है। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने बिहार के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक महत्व को रेखांकित किया।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भोजपुरी समाज की ताकत को रेखांकित करते हुए कहा कि बिहारियों की संख्या लाखों में है और वे पूरे प्रदेश को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा 25 राज्यों के 75 स्थानों पर बिहार दिवस मना रही है, जिससे पार्टी का संपर्क अभियान और मजबूत होगा।

सीएम का फोकस सामाजिक-सांस्कृतिक जुड़ाव पर

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बिहार और उज्जैन के ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित करते हुए बताया कि बिहार का नाम वृंदावन बिहारी के नाम पर पड़ा। उन्होंने सम्राट अशोक से लेकर नालंदा और तक्षशिला जैसे शिक्षा केंद्रों की विरासत को बिहार की पहचान बताया। साथ ही, यह भी कहा कि भाजपा सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के पुनरुद्धार पर काम कर रही है।

संगठनात्मक मजबूती के साधने की रणनीति

बिहार दिवस कार्यक्रम में 500 कुर्सियां अंदर और 500 बाहर लगाई गईं। कोशिश यह की गई कि कोई भी महिला या पुरुष परेशान न हो। पंजीयन के लिए 9 काउंटर बनाए गए थे। प्रत्येक काउंटर पर क्यू आर कोड और पंजीयन पत्रक रखा गया था। 2047 पंजीयन ऑनलाइन हुए हैं। यह डेटा सुरक्षित रखा जाएगा। पूरी जानकारी एकत्र करने की रणनीति के साथ भाजपा ने इस आयोजन को बड़े स्तर पर प्लान किया था।

महिला भागीदारी पर फोकस: कार्यक्रम में महिलाओं की संख्या लगभग 300 रही। मंच से पार्टी प्रदेश अध्यक्ष ने महिला मतदाताओं को जोड़ने की रणनीति पर भी काम करने की बात कही है।

हर कनेक्शन से कनेक्ट होने की रणनीति का इशारा

-बिहार और मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक संबंधों को आगे बढ़ाकर भाजपा बिहारियों को एक सूत्र में जोड़ने की कोशिश है।

-सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के बारे में आम जन को सचेत करने की प्लानिंग का इशारा मंच से कर दिया है। सीएम ने भगवान कृष्ण की लीलाओं, कुंवर सिंह और गुरु गोविंद सिंह की विरासत को अमूल्य बताया। इस विरासत को भाजपा एक प्रमुख मुद्दा बना सकती है।

-सीएम डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार में हुए विकास कार्यों को बताया। सरकारी उपलब्धियों के बहाने उन्होंने भाजपा को मजबूत विकल्प के रूप में जन पटल पर पेश कर दिया।

आंचलिक दलों पर हमला:

सीएम ने कहा कि भाजपा ने एक यदुवंशी को मौका दिया है। यूपी बिहार में भी यदुवंशी को मौका मिला था, लेकिन उन्होंने यदुवंशी होने का धर्म नहीं निभाया। हम यह प्रयास कर रहे हैं कि जहां जहां भगवान कृष्ण गए, वहां वहां दर्शनीय स्थल बनाए जाएं। यदुवंशी के बहाने उन्होंने अखिलेश यादव और लालू यादव के शासनकाल पर भी निशाना साधा। सीएम का सीधे निशाना साधने से यह तय है कि भाजपा चुनावी माहौल पहले ही गर्म करके प्रचार को हवा दे रही है। 

सीधे संवाद से मजबूत होगी पकड़

बिहार दिवस के मौके पर भाजपा का यह बड़ा आयोजन पार्टी की चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। बिहारियों से सीधा संवाद स्थापित कर पार्टी अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। हालांकि, इसका असर आगामी चुनाव पर कितना होगा, यह आने वाले समय में साफ होगा। 


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