MP News: प्रधानमंत्री मोदी के सामने स्पीच देंगी मध्यप्रदेश की होनहार बेटियां, युवा संसद में दिखाएंगी अपना हुनर...

Update: 2025-03-27 17:51 GMT
प्रधानमंत्री मोदी के सामने स्पीच देंगी मध्यप्रदेश की होनहार बेटियां, युवा संसद में दिखाएंगी अपना हुनर...
  • whatsapp icon

MP News: मध्यप्रदेश की तीन प्रतिभाशाली बेटियां संसद के सेंट्रल हॉल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने स्पीच देंगी। इनका चयन 'विकसित भारत' थीम पर आयोजित राज्य स्तरीय युवा संसद से हुआ है।

इसमें इंदौर की सजल जैन, भिंड की यति सिंह सिसोदिया और राशि त्रिपाठी शामिल हैं। वहीं, शिवपुरी के मनीष शर्मा, देवास की भूमिका शर्मा और शहडोल के ओम तिवारी को सांत्वना पुरस्कार मिला है। प्रतियोगिता में प्रदेशभर से 200 युवा शामिल हुए थे।

पीएम मोदी के सामने स्पीच देंगी मध्यप्रदेश की होनहार बेटियां

कार्यक्रम के आखिरी दिन, सभी प्रतिभागियों को 'भारतीय संविधान के 75 वर्ष, अधिकार, कर्तव्य और प्रगति की यात्रा' विषय पर 3-3 मिनट का समय दिया गया। इस दौरान वक्ताओं ने संविधान की यात्रा और भविष्य की योजनाओं पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि संविधान के अधिकार और कर्तव्य, समन्वित विकास का आधार हैं और हर व्यक्ति को यह जानना जरूरी है कि वह अपने देश के लिए क्या कर सकता है।

कर्तव्यों के प्रति जागरूकता जरूरी - सजल जैन

राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान हासिल करने वाली इंदौर की छात्रा सजल जैन ने अपने भाषण में अधिकार और कर्तव्य के संतुलन पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "अधिकारों की दौड़ में हम बहुत आगे निकल गए हैं, लेकिन कर्तव्य कहीं पीछे छूट गए हैं।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समाज और देश की प्रगति के लिए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना बेहद जरूरी है।

संविधान ने महिलाओं का अधिकार - यति सिंह सिसोदिया

युवा संसद में दूसरा स्थान पाने वाली यति सिंह सिसोदिया ने 'संविधान के अधिकार, कर्तव्य और प्रगति' पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, "संविधान हमें सिर्फ 'राइट टू लाइफ' नहीं, बल्कि 'राइट टू लाइफ विद डिग्निटी' भी देता है।" उन्होंने इस पर जोर दिया कि संविधान ने महिलाओं को बराबरी का अधिकार दिया है, जिससे वे हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं और देश के विकास में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

संविधान सिर्फ किताबों में नहीं, यह जीवन का आधार है - राशि त्रिपाठी

युवा संसद में तीसरा स्थान पाने वाली सतना की राशि त्रिपाठी ने अपने विचार रखते हुए कहा, "हमारा संविधान केवल किताबी भाषा नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा दस्तावेज है जो 'डिग्निटी ऑफ लाइफ' को परिभाषित करता है।" उन्होंने संविधान की व्यावहारिकता और उसके महत्व पर जोर देते हुए बताया कि यह सिर्फ नियमों का संग्रह नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को सम्मान और समान अवसर देने का एक सशक्त माध्यम है।

Tags:    

Similar News