योग-आयुर्वेद व स्वदेशी के खिलाफ चल रहे षड्यंत्र का पर्दाफाश, सामने आया हैरान करने वाला कड़वा सच

योग-आयुर्वेद व स्वदेशी के खिलाफ चल रहे षड्यंत्र का पर्दाफाश, सामने आया हैरान करने वाला कड़वा सच

By : स्वदेश डेस्क
योग-आयुर्वेद व स्वदेशी के खिलाफ चल रहे षड्यंत्र का पर्दाफाश, सामने आया हैरान करने वाला कड़वा सच

हरिद्वार। योग, आयुर्वेद, भारतीय शिक्षा एवं भारतीय चिकित्सा की पुनः प्रतिष्ठा के आंदोलन से नफरत की फितरत वाली एक पूरी गैंग ने पिछले दिनों एक प्रायोजित षड्यंत्र चलाकर पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज व पतंजलि पर सैंकड़ों झूठे आरोप लगाकर व गाली-गलौच से लेकर नीचता की हद तक पार करके पूरे सोशल मीडिया में गैंगवार किया।स्वामी जी ने जन्म से लेकर 50 वर्षों से अधिक के कालखण्ड में और 30 वर्षों से अधिक के सार्वजनिक जीवन में एक बार भी न तो भगवान के विधान और ना ही देश के संविधान, नियम व कानून कायदे का उल्लघंन किया। इसलिए एक बार भी कोई उन्हें गलत साबित नहीं कर पाया।

कभी पतंजलि के घी में, कभी हनी में, कभी आंवला-ऐलोवेरा में, कभी सरसों तेल में तथा यहां तक कि कोरोना काल में करोड़ों लोगों का जीवन बचाने वाली कोरोनिल पर झूठे विवाद एवं आरोप गढ़े गए। कभी स्वामी जी के हार्ट की, कभी घुटनों की, कभी आंतों की विदेशी अस्पताल में सर्जरी की झूठी कहानी गढ़ी गई। कभी कार दुर्घटना में उनकी मौत तक की झूठी अफवाएं फैलाई गई। वैयक्तिक, चारित्रिक, आर्थिक एवं मनगढंत झूठे आरोपों से जब वो स्वामी जी एवं पतंजलि की छवि धूमिल नहीं कर पाए तब उन्होनें रूचि सोया के FPO लांच करने के समय झूठे आरोपों की झड़ी लगाकर हमें आर्थिक रूप से बर्बाद करने का षड़यंत्र रचा और कहा कि रूचि सोया के बाद बाबा रामदेव बरबाद हो जाएगा। हम रूस और यूक्रेन के भयानक युद्ध के बीच रूचि सोया का FPO रूपये 650/- प्रति शेयर पर लेकर आए जो अभी डबल से अधिक की ग्रोथ लेकर 50,000 करोड़ रूपये के मार्केट कैप के कीर्तिमान को छू रहा है।

योग कोबदनाम करने में मजहबी आतंकवाद (रिलिजियस टेररिज्म), आयुर्वेद को बदनाम करने में मेडिकल टेररिज्म व इग माफिया और स्वदेशी को को बदनाम करने में बहुराष्ट्रीय माफिया (MNC) syndicate) सक्रिय है। विधायिका, कार्यपालिका, अवरपालिका के कुछ स्वार्थी और दुरावाही लोग भी इसमें संलिप्त है। जिनका गंदा धंधा सिर्फ बदनाम करके अपना निहित हित साधना है।हमने न्यायपालिका से न्याय मांगने के लिए और इन्हें सबक सिखाने के लिए सैंकड़ों लोगो पर कानूनी एवं आपराधिक कार्यवाही शुरू कर दी है। उन्हें लीगल नोटिस भी भेज दिए है।

घनसाली, टिहरी (उत्तराखंड) से शुरू हुआ घिनौना षडयंत्र का तथ्यपरक पर्दाफाश - 

इसमें झूठे, अवैधानिक और मनगढ़ंत मानदंडों के आधार पर प्रमाणिक और सही पतंजलि गाय के देशी घी (जो देश में गाय के घी का सबसे बड़ा ब्रांड है) का सैम्पल फेल दिखाने का कुत्सित प्रयास किया गया है।अक्टूबर 2021 में पतंजलि गाय के घी के बैच नं. BKD-21158 का सैम्पल उठाया गया जिसकी रुद्रपुर की लैब से जांच करवाई गई और हमें सैम्पल फेल होने की रिपोर्ट गलत RM VALUE दिखाकर 30 मार्च 2022 को दी गयी। हमने अपील की और उसी बैच के सैम्पल की जांच गाजियाबाद का नेशनल फूड लेबोरेट्रीज में की गई। जिसमें RM VALUE 29.24 निकली जो कि सर्वश्रेष्ठ थी। दूसरा चौकाने वाला तथ्य यह भी सामने आया कि रुद्रपुर की लैब NABL द्वारा इस तरह की जांच के लिए अधिकृत ही नहीं थी।तब उन्होनें मनगढंत तरीके से फैटी एसिड का ताना-बाना बुना। जबकि भारत सरकार के 27 दिसम्बर 2021 के नोटिफिकेशन के अनुसार फैटी एसिड का मानदंड 30 जून 2024 से लागू होना है। 12 प्रकार के फैटी एसिड होते हैं। 8 सैचुरेटेड 2 मोनो अनसैचुरेटेड और 2 पोली अनसैचुरेटेड। उन्होनें एक तो समय से पहले लागू करके और दूजे FSSAI के निर्धारित मानदंडों से अलग अपने मनगढंत मानदण्ड बनाकर हमारा घी फेल दिखाया।

उन्होनें FSSAI द्वारा निर्धारित C-4 की स्टैण्डर्ड रेज 0.41.4 की बजाय 0.4 1.0 और C-14 की स्टैण्डर्ड रेंज 6.0-13.0 की बजाय 6.0 - 10.0 मनमाने तरीके से करके पतंजलि घी को गलत दर्शाया। साथ ही FSSAI द्वारा C-15 और C-17 की स्टैण्डर्ड रेंज निर्धारित ही नहीं है। फिर भी उन्होनें इसका आधार बनाकर सैम्पल फेल किया।बौद्धिक दिवालियापन का उदाहरण यह है कि C-18.3 की स्टैण्डर्ड रेंज CO.3-1.00 बनाकर हमारा घी फेल किया । हंसी की बात यह है कि घर में बने घी में यह वैल्यू नहीं मिलती और इस स्टैण्डर्ड में संशोधन अपरिहार्य है।हमने अधिकृत लैब से पतंजलि गाय के देशी घी की जांच फैटी एसिड के सभी मानकों पर करवाई। सभी मानकों पर पतंजलि गाय का देशी घी खरा उतरा।

पतंजलि का विजन 2027 : 5 वर्ष और 5 बड़े लक्ष्य -

1. अब हम आगामी 5 वर्षों में 4 नये IPO लाकर कुल 5 कंपनियों को लिस्टेड कम्पनी बनाने की तैयारी में हैं। हमा संकल्प है कि जब आजादी का शताब्दी वर्ष 2047 मनाया जाएगा तब पतंजलि के योगदान को स्वर्णाक्षरों में लिखा जाए हमारा लक्ष्य है कि पतंजलि फड्स लिमिटेड के बाद हमारी 4 अन्य कंपनियां पतंजलि आयुर्वेद, पतंजलि वेलनेस, पतंजलि मेडिसिन और पतंजलि लाईफस्टाइल IPO लाकर लिस्टेड हो जाएंगी। इन पांचों लिस्टेड कंपनियों की मार्केट वैल्यू 5 लाख करोड़ रहने का लक्ष्य है जिसकी कार्ययोजना को हम क्रियान्वित कर रहे हैं।

2. स्वदेशी से आत्मनिर्भर बनाने के आंदोलन के साथ-साथ देश को मैकाले की विदेशी शिक्षा और अंग्रेजों के समय से चली आ रही विदेशी चिकित्सा की गुलामी से मुक्ति दिलाने के लिए पतंजलि एक बड़ी भूमिका निभा रहा है। पतंजलि वैलनेस के माध्यम से योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और अनुसंधान आधारित इंटिग्रेटेड चिकित्सा से रोगों का स्थायी समाधान किया जा रहा है।

3. दूरदर्शी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने हाल ही में देश को खाद्य तेलों में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में नेशनल एडिबल ऑयल मिशन ऑयल पाम (NMEO-OP) के माध्यम से 11044 करोड़ रूपये के सब्सिडी निवेश की योजना लागू की है। इसी की अनुपालना में पतंजलि फूड्स द्वारा भारत के 11 राज्यों के 55 जिलों में 15 लाख एकड़ से ज्यादा जमीन में पाम ऑयल प्लांटेशन करने की योजना है। गरीबी, कुपोषण एवं बेरोजगारी दूर करने की दिशा में पतजलि इस बड़े अभियान को संचालित कर रहा है। पतंजलि की विविध योजनाओं से 5 लाख लोगों को अतिरिक्त रोजगार उपलब्ध होगा।

पतंजलि फूल्स पाम ऑयल प्लांटेशन में देश की सबसे बड़ी कम्पनी होगी। एक बार पाम का पेड़ लगाने पर अगले 40 वर्षों तक रिटर्न देता है। इससे 5 से 7 वर्षों में करीब 2 हजार करोड़ रुपये का सालाना रिटर्न कमाने का लक्ष्य है। इससे देश को खाद्य तेलों में आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी देश को खाद्य तेलों को आयात करने में हर वर्ष 3 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत होगी और रूपये का अवमूल्यन भी सकेगा। हाल ही में 31 अगस्त को पतंजलि फूड्स ने अरुणाचल प्रदेश की पहली ऑयल पाम प्रोसेसिंग मिल का शिलान्यास करदिया है और 9 जिलों 38,000 हेक्टेयर जमीन पर पाम ऑयल प्लांटेशन शुरू कर दिया है। असम सहित नार्थ ईस्ट के सभी राज्यों में पाम प्लांटेशन का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है।

4. पतंजलि समूह का टर्नओवर अभी करीब 40,000 करोड़ रुपये है। आगामी 5-7 सालों में इसे 1,00,000 करोड़ रुपये करने का लक्ष्य है। हमारी कम्पनी देश की सबसे बड़ी FMCG कंपनी बनकर भारत को वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनाने में बड़ी भूमिका निभाएगी। हम आगामी 5-7 सालों में पतंजलि फूड्स का EBITA लक्ष्य 5000 करोड़ के स्तर पर करने की कार्ययोजना पर काम कर रहे हैं। यह लक्ष्य चार विभिन्न कार्यक्षेत्रों से हासिल करने का अनुमान है।

इसका विवरण इस प्रकार है: -

-पाम ऑयल प्लांटेशन एवं प्रोसेसिंग से रूपये 2000 करोड़

- परम्परागत खाद्य तेल व्यवसाय से रूपये 1500-2000 करोड़

- FMCG फूड बिजनेस से रूपये 1000 करोड़ - न्यूट्रास्यूटिकल्स से रूपये 500-1000 करोड़

5. हम नैचुरल न्यूट्रास्यूटिकल्स के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मल्टी लेवल मार्केटिंग का नया स्वदेशी और सात्विक अवतार लेकर आ रहे हैं। जो आम जनों के लिए स्वास्थ्य एवं समृद्धिमूलक होगा तथा इससे पोषण के स्वस्थ विकल्प के बारे में सही जानकारी उपलब्ध होगी ।

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