हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से एक दुखद खबर सामने आई है। मशहूर फिल्ममेकर, निर्माता और निर्देशक संजय गुप्ता का निधन हो गया है। उनके जाने की खबर से बॉलीवुड में शोक का माहौल है। संजय गुप्ता को खासतौर पर क्राइम ड्रामा, गैंगस्टर फिल्मों और स्टाइलिश एक्शन के लिए जाना जाता था। ‘कांटे’, ‘शूटआउट एट वडाला’, ‘काबिल’ और ‘मुंबई सागा’ जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई थी। फिल्ममेकर अशोक पंडित ने भी सोशल मीडिया के जरिए उनके निधन की पुष्टि की है।
बाथरूम में फिसलकर गिरने से लगी थी सिर में चोट
शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, संजय गुप्ता का निधन 30 अक्टूबर की रात हुआ। बताया जा रहा है कि वह रात में बाथरूम में फिसलकर गिर गए थे, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर उनके निधन की जानकारी साझा करते हुए सिर में चोट लगने का भी जिक्र किया। फिलहाल उनके अंतिम संस्कार से जुड़ी जानकारी सामने आने का इंतजार है।
‘आतिश’ से शुरू हुआ था निर्देशन का सफर
संजय गुप्ता ने साल 1994 में फिल्म ‘आतिश: फील द फायर’ से बतौर निर्देशक अपने करियर की शुरुआत की थी। इस फिल्म में संजय दत्त और आदित्य पंचोली मुख्य भूमिकाओं में थे। दमदार एक्शन, धारदार संवाद और स्टाइलिश अंदाज इस फिल्म की खासियत रहे। इसके बाद उन्होंने ‘राम शास्त्र’, ‘खौफ’ और ‘जंग’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया और धीरे-धीरे अपनी अलग पहचान बनाई।
‘कांटे’ ने दिलाई खास पहचान
संजय गुप्ता के करियर की सबसे चर्चित फिल्मों में साल 2002 में रिलीज हुई ‘कांटे’ का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। इस क्राइम थ्रिलर में अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी, महेश मांजरेकर, लकी अली और कुमार गौरव जैसे कलाकार नजर आए थे। अमेरिका में फिल्माई गई इस फिल्म की कहानी, एक्शन और तकनीकी प्रस्तुति को दर्शकों के बीच खास पहचान मिली। इसके बाद ‘मुसाफिर’ और ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ जैसी फिल्मों से भी उन्होंने अपनी निर्देशन शैली को आगे बढ़ाया।
‘शूटआउट एट वडाला’ और ‘काबिल’ का भी किया निर्देशन
संजय गुप्ता ने क्राइम और अंडरवर्ल्ड की कहानियों के साथ दूसरे जॉनर की फिल्मों में भी काम किया। साल 2013 में उन्होंने ‘शूटआउट एट वडाला’ का निर्देशन किया। इसके बाद 2017 में ऋतिक रोशन और यामी गौतम स्टारर फिल्म ‘काबिल’ लेकर आए। साल 2021 में रिलीज हुई ‘मुंबई सागा’ भी उनकी चर्चित फिल्मों में शामिल रही। उनकी फिल्मों में स्टाइलिश लाइटिंग, खास विजुअल ट्रीटमेंट और दमदार एक्शन सीक्वेंस देखने को मिलते थे।
व्हाइट फेदर फिल्म्स के जरिए किया फिल्म निर्माण
निर्देशन के साथ-साथ संजय गुप्ता ने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी योगदान दिया। अपने प्रोडक्शन बैनर व्हाइट फेदर फिल्म्स के जरिए उन्होंने कई प्रोजेक्ट्स पर काम किया। उनकी फिल्मोग्राफी में ‘दस कहानियां’, ‘एसिड फैक्ट्री’, ‘जज्बा’ और ‘द मिरांडा ब्रदर्स’ जैसी फिल्में भी शामिल हैं। क्राइम थ्रिलर और एक्शन फिल्मों को अलग अंदाज में पेश करने की उनकी शैली ने उन्हें हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में एक विशिष्ट पहचान दिलाई।
संजय गुप्ता के निधन से फिल्म जगत में शोक
संजय गुप्ता के निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग और उनके प्रशंसक उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। फिल्ममेकर अशोक पंडित ने उन्हें याद करते हुए दुख जताया और एक शानदार कहानीकार तथा जुनूनी फिल्ममेकर के तौर पर याद किया। उनके निधन से हिंदी सिनेमा ने ऐसे निर्देशक को खो दिया है, जिन्होंने क्राइम और एक्शन फिल्मों को अपनी खास शैली में पर्दे पर उतारा।