उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और स्थानीय पुलिस ने बसपा नेता कलामुद्दीन उर्फ कमालू की हत्या के आरोपी और 1 लाख रुपये के इनामी बदमाश मुस्तफिजुल को सोमवार देर रात मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ रामनगर-करजहा फोरलेन पर हुई, जहां आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसे दो गोलियां लगीं। अस्पताल ले जाने पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस पर की फायरिंग, STF के जवान को लगी गोली
पुलिस को सूचना मिली थी कि मुस्तफिजुल कुशीनगर की ओर बाइक से जा रहा है। सूचना के आधार पर STF और पुलिस ने संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस ने जब आरोपी को रुकने का इशारा किया तो वह भागने लगा और पीछा करने पर फायरिंग शुरू कर दी।मुठभेड़ के दौरान STF के हेड कॉन्स्टेबल महेंद्र सिंह गोली लगने से घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें मुस्तफिजुल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने इलाज के दौरान मृत घोषित कर दिया।मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपी के पास से .32 बोर की पिस्टल, एक बाइक और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस ने मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
बसपा नेता की हत्या का था आरोपी
मुस्तफिजुल पर वर्ष 2022 में बसपा नेता कलामुद्दीन उर्फ कमालू की हत्या का आरोप था। कलामुद्दीन बसपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके थे। वारदात के बाद से आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा था, जिससे पुलिस लंबे समय तक उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी।
पुलिस कस्टडी से चलती ट्रेन से हुआ था फरार
दिसंबर 2024 में उत्तर प्रदेश पुलिस ने मुस्तफिजुल को गुजरात से गिरफ्तार किया था। उसे आजमगढ़ लाते समय महाराष्ट्र के अमरावती रेलवे स्टेशन के पास शौचालय जाने का बहाना बनाकर वह चलती ट्रेन से कूद गया और पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। इसके बाद उस पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
कई राज्यों में दर्ज थे आपराधिक मामले
पुलिस के अनुसार, मुस्तफिजुल आजमगढ़ के मेहनगर थाना क्षेत्र का रहने वाला था। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में हत्या, लूट समेत गंभीर धाराओं के करीब 10 आपराधिक मामले दर्ज थे।