ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर के शीतला माता मंदिर हादसे की मजिस्ट्रियल जांच शुक्रवार से शुरू हो गई। जांच अधिकारी एडीएम सीबी प्रसाद सबसे पहले उसी जगह पहुंचे, जहां हादसा हुआ था। उन्होंने बारीकी से हर कोने को देखा और समझने की कोशिश की कि आखिर चूक कहां हुई।
ढलान वाले रास्ते पर भी पहुंचे एडीएम
हादसे वाली जगह देखने के बाद एडीएम उस रास्ते पर गए, जिधर से ट्रक ढलान पर उतरकर मंदिर की तरफ आया था। इसके अलावा उन्होंने मंदिर और आसपास की व्यवस्थाओं की भी पड़ताल की। जांच में सबसे अहम पुलिस रिकॉर्ड है, लेकिन प्रशासन को अभी तक यह नहीं मिला है। अफसर इसका इंतजार कर रहे हैं।
18 अक्टूबर की रात हुआ था हादसा
18 अक्टूबर की रात शीतला माता मंदिर के मुख्य द्वार पर ट्रक हादसे में 16 लोगों की जान चली गई थी। घायलों का इलाज अब भी चल रहा है। कारणों की जांच के लिए कलेक्टर और जिला दंडाधिकारी रुचिका चौहान ने अपर जिला दंडाधिकारी सीबी प्रसाद को जांच अधिकारी बनाया है।
26 से 28 अक्टूबर तक दे सकेंगे बयान
जांच अधिकारी ने साफ किया है कि कोई भी स्वतंत्र और निष्पक्ष व्यक्ति, जिसका इस मामले में सीधा हित न जुड़ा हो, अपने साक्ष्य दे सकता है। इसके लिए 26, 27 और 28 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अपर जिला दंडाधिकारी के न्यायालय में कक्ष क्रमांक 201 में पहुंचना होगा। प्रशासन जरूरत पड़ने पर संबंधित एजेंसियों के लोगों को भी जानकारी देने के लिए बुला सकता है।