अमित त्रिपाठी, बहराइच: तराई के घने जंगलों, कलकल बहती नदियों और दुर्लभ वन्यजीवों की अनूठी दुनिया को करीब से देखने का इंतजार खत्म हो गया है। कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य में नए पर्यटन सत्र का शुभारंभ हो गया। डीएफओ अपूर्व दीक्षित और विधायक प्रतिनिधि आलोक जिंदल ने पूजन-अर्चन के बाद पर्यटकों के दल की सफारी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही बहराइच का यह प्राकृतिक खजाना एक बार फिर देश-दुनिया के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने लगा है।
शुल्क में नही हुई को बढ़ोतरी
इस दौरान काफी संख्या में क्षेत्रीय ग्रामीण और वन विभाग से जुड़े अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। पूजा अर्चना के दौरान आने वाले पर्यटकों के सुरक्षा की कामना की गई। डीएफओ श्री दीक्षित ने बताया कि बीते वर्ष प्रेरकों के लिए जितना शुल्क निर्धारित था वही शुल्क इस बार भी लागू किया गया है। शुल्क में किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की गई है उन्होंने अभी बताया कि इस बार अभ्यारण में भ्रमण के दौरान पर्यटकों को किसी प्रकार की सुविधा नहीं होगी विधायक की ओर से सड़कों का निर्माण और मरम्मत का कार्य कराया गया है। कार्यक्रम में डब्लू डब्लू एफ के दबीर हसन, रेंजर कतरनिया घाट आशीष, धर्मपुर दीपक मिश्रा, डिप्टी रेंजर मयंक पांडे, वन दरोगा योगेश सिंह, वनरक्षक सूरज कुमार, हीरालाल यादव, अनु शुक्ला, विश्राम पांडे, मंसूर अली आदि मौजूद रहे।
सेल्फी बिंदु बनाया गया
कतर्नियाघाट वन्य जीव क्षेत्र में पर्यटक ऑन के आकर्षण के लिए सेल्फी प्वाइंट बनाया गया है यह सेल्फी प्वाइंट घड़ियाल प्रजनन केंद्र के निकट बनाया गया है जहां से पर्यटक सेल्फी ले सकेंगे और उनको अपने नजदीकी लोगों को शेयर कर सकेंगे।