भोपाल। शिवपुरी में थार गाड़ी से हुए हादसे और उसके बाद विवादित बयान को लेकर घिरे भाजपा विधायक प्रीतम लोधी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की। पार्टी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बाद उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट की और मामले पर सफाई दी।
सीएम से मुलाकात के बाद दिया बयान
मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात के बाद विधायक प्रीतम लोधी ने कहा कि उन्होंने अपना पक्ष पार्टी के सामने रख दिया है। उनके अनुसार पार्टी नेतृत्व ने उन्हें अनुशासन को लेकर हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि “पार्टी ने हमें ट्यूशन दी है और समझाया है कि ऐसे मामलों में संयम रखना चाहिए।”
विवादित बयान पर दी सफाई
विधायक ने कहा कि घटना के दौरान वे भावनात्मक रूप से आहत हो गए थे। उन्होंने स्वीकार किया कि “मेरे लड़के का जुलूस निकाला गया था, इसी कारण मैं तैश में आ गया और शब्दों का चयन गलत हो गया।” उन्होंने आगे कहा कि उनका उद्देश्य किसी अधिकारी या व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का नहीं था।
पार्टी ने दिया था नोटिस
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की ओर से विधायक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उनके आचरण को अनुशासनहीन बताया गया था। नोटिस में तीन दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया था, जिसके बाद विधायक ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया।
क्या है पूरा मामला
यह विवाद 16 अप्रैल को हुए उस हादसे से जुड़ा है जिसमें विधायक प्रीतम लोधी के बेटे की थार गाड़ी से पांच लोगों को टक्कर लग गई थी। इस मामले में पुलिस द्वारा कार्रवाई किए जाने के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई, जिसके बाद विधायक की ओर से कथित रूप से आपत्तिजनक बयान सामने आए थे।
पुलिस अधिकारी पर टिप्पणी से बढ़ा विवाद
मामले में एसडीओपी आयुष जाखड़ के खिलाफ विधायक द्वारा की गई टिप्पणी के बाद विवाद और बढ़ गया था। इसके बाद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों ने कार्रवाई की मांग उठाई थी। मामले को लेकर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) एसोसिएशन ने भी आपत्ति जताई थी और कार्रवाई की मांग की थी। वहीं कर्मचारी संगठनों ने विरोध की चेतावनी दी थी।