मुरैना और श्योपुर। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के कूनो में मादा चीता निर्वा के 19 माह के शावक के शिकार मामले में पुलिस और वन विभाग की टीमों ने बड़ी कार्रवाई की है। बीते दो दिनों में श्योपुर जिले के मढा और नितनमास गांवों से 25 संदिग्धों को पकड़ा गया है, जिनसे पूछताछ चल रही है। इनमें से दो के पास से अवैध बंदूकें भी मिली हैं।
मोगिया जाति के लोगों पर शिकारी होने का शक
पूछताछ में पकड़े गए लोग क्षेत्र की मोगिया जाति के हैं और इनके शिकारी होने का संदेह है। वन विभाग के मुताबिक दो अवैध टोपीदार बंदूकें यानी भरमार जब्त की गई हैं, जिनका इस्तेमाल शिकार में होता है। एसटीएफ और वन विभाग की धरपकड़ शुरू होने के बाद नितनमास समेत मोगिया समाज के कई गांव खाली हो गए हैं। जांच से जुड़े अधिकारियों का दावा है कि पूछताछ में कुछ अहम सुराग मिले हैं और दो से तीन दिन में जांच में कामयाबी मिलने की उम्मीद है।
मढा गांव की महिलाएं पहुंचीं थाने, लगाए आरोप
शुक्रवार को मढा गांव की चार-पांच महिलाएं मुरैना जिले के पहाड़गढ़ थाने पहुंचीं। उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग की टीम उनके घरों में घुसी और मारपीट कर पुरुष सदस्यों को साथ ले गई। महिलाओं का कहना है कि उनके परिजनों को कहां रखा गया है, इसकी जानकारी भी नहीं दी जा रही।
सीसीएफ ने नितनमास गांव का किया निरीक्षण
शुक्रवार को मुख्य वन संरक्षक यानी सीसीएफ उत्तम कुमार शर्मा ने टीम के साथ नितनमास गांव का निरीक्षण किया। उन्होंने उस इलाके को भी देखा, जहां चीते को गोली मारे जाने की घटना सामने आई थी। इस दौरान मुरैना और श्योपुर के डीएफओ भी मौजूद रहे। सीसीएफ ने बताया कि फिलहाल कार्रवाई डीएफओ और एसटीएफ स्तर से चल रही है और इसके बारे में वही जानकारी दे सकते हैं।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने ली जानकारी
वन विभाग के एक अधिकारी के अनुसार केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय इस मामले की सीधी जानकारी ले रहा है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने वीडियो कॉल के जरिए ग्वालियर-चंबल के वन और पुलिस अधिकारियों से बात की। उन्होंने संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई और चीतों की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली।