नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग के अगले सीजन को लेकर बीसीसीआई ने नई गाइडलाइन्स जारी कर दी हैं। इन दिशानिर्देशों के तहत IPL 2026 में टीमों की प्रैक्टिस को लेकर एक बड़ा बदलाव किया गया है। अब कोई भी टीम उस पिच या नेट पर अभ्यास नहीं कर सकेगी, जिसका इस्तेमाल पहले विरोधी टीम अपने नेट सेशन में कर चुकी हो। बोर्ड का मानना है कि इससे सभी टीमों को बराबर और निष्पक्ष अभ्यास का मौका मिलेगा।
हर टीम के लिए अलग पिच का नियम
बीसीसीआई की पांच पन्नों की गाइडलाइन्स में साफ कहा गया है कि हर टीम को अभ्यास के लिए अलग पिच उपलब्ध कराई जाएगी। अगर एक टीम के बाद दूसरी टीम प्रैक्टिस करती है, तो भी दूसरी टीम को पहली टीम के नेट या पिच का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी। इसमें थ्रो-डाउन अभ्यास भी शामिल रहेगा।
यहां तक कि अगर कोई टीम अपना अभ्यास जल्दी खत्म कर दे, तब भी दूसरी टीम उनके इस्तेमाल किए गए रेंज-हिटिंग विकेट पर प्रैक्टिस नहीं कर पाएगी।
फ्लडलाइट में प्रैक्टिस मैच के लिए भी नियम
गाइडलाइन्स में प्रैक्टिस मैच को लेकर भी नियम तय किए गए हैं। अगर कोई टीम फ्लडलाइट में अभ्यास मैच खेलना चाहती है, तो उसकी समयसीमा साढ़े तीन घंटे से ज्यादा नहीं होगी। साथ ही किसी भी टीम को अधिकतम दो ही प्रैक्टिस मैच खेलने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए फ्रेंचाइजी को पहले बीसीसीआई से अनुमति लेना जरूरी होगा।
मेन स्क्वॉयर पर नहीं होंगे प्रैक्टिस मैच
बीसीसीआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि कोई भी टीम मेन स्क्वॉयर पर प्रैक्टिस मैच नहीं खेलेगी। दरअसल, सीजन के मुकाबलों के लिए मुख्य पिचों को तैयार किया जा रहा होगा। इसलिए ना तो अभ्यास सत्र और ना ही अभ्यास मैच मेन स्क्वॉयर पर आयोजित किए जाएंगे। अगर होम फ्रेंचाइजी को अभ्यास मैच की जरूरत महसूस होती है तो वह संबंधित राज्य क्रिकेट संघ से अलग प्रैक्टिस ग्राउंड उपलब्ध कराने का अनुरोध कर सकती है।
होम फ्रेंचाइजी की होगी बड़ी जिम्मेदारी
नई गाइडलाइन्स के मुताबिक दोनों टीमों के प्रैक्टिस सेशन की व्यवस्था होम फ्रेंचाइजी को करनी होगी। इसमें कैटरिंग से लेकर नेट, गेंद, सपोर्ट स्टाफ और अन्य क्रिकेट से जुड़ी सुविधाएं शामिल होंगी। हालांकि प्लेऑफ चरण में प्रैक्टिस सेशन से जुड़ी व्यवस्थाएं बीसीसीआई खुद संभालेगा।