भगोड़ों के खिलाफ मोदी सरकार सक्रिय

अब भगोड़े भागकर कहां जाएंगे, प्रत्यर्पण का बना रिकॉर्ड

मोदी सरकार के 'भगोड़ा आर्थिक अपराधी बिल' के बाद 274 भगोड़ों की वापसी हुई। अमेरिका और यूएई से भी प्रत्यर्पण सफल। नई प्रणाली से वैश्विक सहयोग बढ़ा।

By : नरेंद्र कुमार
अब भगोड़े भागकर कहां जाएंगे, प्रत्यर्पण का बना रिकॉर्ड

AI

मोदी सरकार ने 2018 में 'भगोड़ा आर्थिक अपराधी बिल' पेश किया था। तब से भारत ने विदेशों से भगोड़ों के प्रत्यर्पण में एक नया इतिहास रच दिया है। पिछले छह वर्षों में 274 भगोड़ों को विभिन्न देशों से भारत लाया गया है, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इनमें से अकेले पिछले दो वर्षों में सबसे अधिक वापसी हुई है। 2025 में 70 भगोड़ों को वापस लाया गया, जबकि जुलाई 2026 तक 45 भगोड़ों की वापसी सुनिश्चित की जा चुकी है। ये आंकड़े साफ बताते हैं कि भारत में अपराध कर विदेश भागने या शरण लेने वालों को देश के कानून के सामने खड़ा करना अब मोदी सरकार की राष्ट्रीय प्राथमिकता बन चुका है।

गृह मंत्रालय की निर्णायक भूमिका-प्रत्यर्पण प्रक्रिया को सक्रिय और प्रभावी बनाने का श्रेय मुख्य रूप से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जाता है। विदेशों में छिपे भगोड़ों को भारत लाने में गृह मंत्रालय मुख्य समन्वयक और नोडल एजेंसी है। हर भगोड़े का कानूनी दस्तावेज (डोजियर) तैयार करवाना, विदेशी समकक्षों के साथ दस्तावेजों का आदान-प्रदान करना और प्रत्यर्पण अनुरोध भेजने से पहले सबूतों का आकलन-सत्यापन—यह सब गृह मंत्रालय के जिम्मे है। प्रत्यर्पण का पूरा दारोमदार इन्हीं मजबूत सबूतों और दस्तावेजों पर टिका होता है।

गृह मंत्रालय ने इंटरपोल जैसे वैश्विक नेटवर्क के साथ मिलकर 'भारतपोल' प्लेटफॉर्म तैयार किया है। अमित शाह के नेतृत्व में भारत का इंटरपोल से जुड़ाव अब नए वैश्विक सहयोग का प्रतीक बन गया है। पहले केवल सीबीआई ही इंटरपोल से संपर्क रखती थी, लेकिन अब भारतपोल के जरिए राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां सीधे वैश्विक नेटवर्क से जुड़ सकती हैं। इस समय 1,400 से अधिक राज्य और केंद्रीय कानून प्रवर्तन इकाइयां इस प्लेटफॉर्म से जुड़ी हुई हैं। इससे अपराधियों की ट्रैकिंग वास्तविक समय में हो जाती है। तीन से बीस दिनों के अंदर अपराधियों की गतिविधियां प्लेटफॉर्म पर आ जाती हैं और प्रत्यर्पण की कार्रवाई शुरू हो जाती है।

रेड कॉर्नर नोटिस और नई व्यवस्थाएं-गृह मंत्रालय भारत इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के जरिए पूरे विश्व को अलर्ट भेज रहा है। अकेले 2026 में 182 भगोड़ों के बारे में नोटिस जारी किए गए। जनवरी 2026 में गृह मंत्रालय ने विदेशों में मौजूद हाई-प्रोफाइल भगोड़ों पर नजर रखने के लिए इंटेलिजेंस ब्यूरो के मल्टी-एजेंसी सेंटर और स्टैंडिंग फोकस ग्रुप की स्थापना कर काम शुरू कर दिया। लक्ष्य स्पष्ट है सभी भगोड़ों का प्रत्यर्पण जल्द से जल्द सुनिश्चित करना।

पिछले पांच वर्षों में मोदी सरकार ने विभिन्न विदेशी सरकारों को 137 प्रत्यर्पण अनुरोध भेजे, जिनमें से 134 को स्वीकार कर लिया गया। 2019 से अब तक 36 देशों से भगोड़े अपराधियों को भारत लाया जा चुका है। इनमें वित्तीय अपराध, धोखाधड़ी, हत्या, डकैती, यौन अपराध, बच्चों के खिलाफ यौन अपराध, संगठित अपराध, मानव तस्करी, आतंकवाद, ड्रग्स तस्करी और नकली मुद्रा के मामले शामिल हैं। अब आरोपी की गैर-मौजूदगी में भी मुकदमे की प्रक्रिया चलती रहती है।

अमेरिका और यूएई से भी सफल प्रत्यर्पण-पहले माना जाता था कि अमेरिका या ब्रिटेन से वांछितों को लाना लगभग असंभव है। लेकिन मोदी सरकार ने इन देशों से भी सफलता हासिल की। 9 अप्रैल 2025 को अमेरिका से तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण कराया गया। राणा 2008 के मुंबई आतंकी हमलों का मुख्य आरोपी है, जिसने डेविड कोलमैन हेडली के साथ मिलकर हमले की साजिश रची थी। सरकार लगातार अमेरिकी प्रशासन के साथ प्रयास करती रही, जब तक कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फरवरी 2025 में उनके प्रत्यर्पण को मंजूरी नहीं दे दी।

यूएई को भी भगोड़ों के लिए सुरक्षित माना जाता था। लेकिन मजबूत द्विपक्षीय संबंधों के बल पर हाल के वर्षों में कई बड़े अपराधियों को वहां से लाया गया। इस साल तीन बड़े आर्थिक अपराधियों का प्रत्यर्पण हुआ। गणेश ज्वैलरी हाउस के प्रमोटर कमलेश पारेख, जिन्होंने 25 बैंकों के साथ हजारों करोड़ की धोखाधड़ी की थी, को मई 2026 में यूएई से लाया गया। मोहम्मद नवाज कक्कट इस्माइल (जालसाजी और जबरन वसूली के आरोपी) तथा गौरव (हरियाणा में संगठित अपराध सिंडिकेट चलाने वाला) को भी हाल ही में वापस लाया गया। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी हर्षित बाबूलाल जैन को डिपोर्ट कराया गया।

पहले और अब: जमीन-आसमान का फर्क-2014 से पहले भारत की केवल 37 देशों के साथ प्रत्यर्पण संधियां थीं। अब लगभग 60 देशों के साथ समझौते हैं। तब औसतन हर साल केवल चार भगोड़ों का प्रत्यर्पण हो पाता था। अधूरे दस्तावेज और कमजोर पैरवी के कारण विदेशी अदालतें अक्सर अनुरोध ठुकरा देती थीं। 2004 से 2014 तक केवल 62 भगोड़ों का प्रत्यर्पण हो पाया था, जबकि 121 अर्जियां लंबित थीं।

आज यह सब संभव हो सका है क्योंकि नए कड़े कानून, मजबूत ट्रैकिंग सिस्टम और सबूत-आधारित सक्रिय मॉडल अपनाया गया। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत भी कठोर कार्रवाई हो रही है। भगोड़ों की 17,874 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। गृह मंत्रालय ने पुरानी निष्क्रिय शैली छोड़कर नई राजनयिक-कानूनी कार्रवाई का सक्रिय मॉडल तैयार कर लिया है।बात ये है कि भगोड़ों के लिए अब दुनिया में कोई सुरक्षित कोना नहीं बचा। भारत का कानून अब हर कोने तक पहुंच रहा है।

विवेक शुक्ला
(लेखक इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के पूर्व सलाहकार हैं)

 

संबंधित सामग्री

Mahtari Vandan Yojana: दिवाली से पहले 67 लाख महिलाओं को तोहफा! आज खाते में आएंगे ₹1000, अमित शाह जारी करेंगे किस्त

Mahtari Vandan Yojana: दिवाली से पहले 67 लाख महिलाओं को तोहफा! आज खाते में आएंगे ₹1000, अमित शाह जारी करेंगे किस्त

छत्तीसगढ़ में अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 3 नवंबर को महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त जारी करेंगे। DBT से 67.40 लाख महिलाओं को कुल ₹632.63 करोड़ मिलेंगे।

Nov 03, 2026
Amit Shah Rally: अमित शाह का राहुल पर तंज; बोले-'नकली संसद में बन जाइए PM, असली में कभी नहीं बनेंगे'

Amit Shah Rally: अमित शाह का राहुल पर तंज; बोले-'नकली संसद में बन जाइए PM, असली में कभी नहीं बनेंगे'

हैदराबाद में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च में गृहमंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी की मॉक पार्लियामेंट पर तंज कसा। एसआईआर, ईवीएम और घुसपैठियों के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा।

Nov 02, 2026
Saurabh Chandrakar Hideout: फर्जी पासपोर्ट पर छिपा था महादेव ऐप का किंगपिंग; इन देश के नाम से बना था डॉक्यूमेंट

Saurabh Chandrakar Hideout: फर्जी पासपोर्ट पर छिपा था महादेव ऐप का किंगपिंग; इन देश के नाम से बना था डॉक्यूमेंट

महादेव ऐप के सौरभ चंद्राकर के पास से इंडोनेशिया में बना फ्रजी पासपोर्ट मिला है। इसी पासपोर्ट की वजह से जुलाई में वह ओमान में हिरासत में लिया गया था। सीबीआई जांच में और खुलासे होना बाकी है।

Nov 02, 2026
Mahadev Satta App: ओमान से भारत लाया गया सौरभ चंद्राकर, 94400 करोड़ के नेटवर्क पर CBI की पूछताछ शुरू

Mahadev Satta App: ओमान से भारत लाया गया सौरभ चंद्राकर, 94400 करोड़ के नेटवर्क पर CBI की पूछताछ शुरू

महादेव सट्टा केस के मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित कर रायपुर लाया गया है. सीबीआई 94,400 करोड़ के अनुमानित नेटवर्क, हवाला और संरक्षण के आरोपों पर पूछताछ कर रही है।

Nov 02, 2026
राहुल गांधी कभी प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे, पूरी जिंदगी मॉक पार्लियामेंट में रहिए: अमित शाह, पंजाब में NDA सरकार बनाएंगे

राहुल गांधी कभी प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे, पूरी जिंदगी मॉक पार्लियामेंट में रहिए: अमित शाह, पंजाब में NDA सरकार बनाएंगे

चंडीगढ़ में अमित शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री बनने का उनका सपना पूरा नहीं होगा। 1984 के सिख विरोधी दंगों और दिल्ली में INDIA गठबंधन की रैली पर भी सवाल उठाए।

Nov 01, 2026