Gwalior : विषाक्त भोजन से LNIPE के 200 से अधिक बच्चे बीमार, जयारोग्य अस्पताल में कराया भर्ती
रात करीब 9.30 बजे 60 से अधिक LNIPE के छात्र-छात्राओं को आनन-फानन में बस में भर कर एक हजार विस्तर के अस्पताल में भर्ती कराया गया।;
ग्वालियर/सिटी रिपोर्टर। लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षण संस्थान (LNIPE) में विषाक्त भोजन की वजह से मंगलवार को 200 से अधिक छात्र-छात्राएं बीमार पड़ गए और उन्हें आनन-फानन में भर्ती कराया गया। सभी छात्र-छात्राओं ने गत दिवस रात के समय खाना खाया था इसके बाद उनकी हालत खराब होना शुरू हो गई। इसमें से कुछ बच्चों को उल्टियां होना शुरू हो गई और देखते ही देखते सभी की स्थिति बिगडऩे लगी। आनन-फानन में बच्चों को जयारोग्य अस्पताल में भर्ती किया गया है। विद्यार्थियों ने बताया कि उन्होंने सोमवार की रात को पनीर की सब्जी खाई थी और इसी के खाने के बाद से उन्हें उल्टियां होने लगी और चक्कर आने लगे।
एलएनआईपीई में कुल 12 छात्रावास बने हुए हैं। इसमें आठ छात्रों के व चार छात्राओं के हैं। उक्त छात्रावासों में करीब एक हजार से अधिक विद्यार्थी रहते हैं, लेकिन सभी का भोजन एक ही मैस में बनता है। बच्चों का कहना था कि सोमवार को नॉनवेज के साथ पनीर की सब्जी बनती है। लेकिन मैस संचालक ने नॉनवेज नहीं बनाया था, ऐसे में सभी को पनीर की सब्जी ही खानी पड़ी। सब्जी खाने के बाद बच्चों को मंगलवार की सुबह से ही उल्टी, दस्त, चक्कर, सिर दर्द सहित अन्य समस्याएं आने लगी। ऐसे में कुछ बच्चे संस्थान के ही स्वास्थ्य केन्द्र उपचार के लिए पहुंचे। लेकिन संस्थान के जिम्मेदारों में कुलपति व कुलसचिव दोनों ने ही मामले को गम्भीरता से नहीं लिया। शाम होते-होते जब बच्चों की हालत ज्यादा खराब होने लगी और लगभग 200 बच्चे बीमार पड़ गए तो प्रबंधन के हाथ पैर फूल गए। रात करीब 9.30 बजे 60 से अधिक छात्र-छात्राओं को आनन-फानन में बस में भर कर एक हजार विस्तर के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जबकि कुछ बच्चों को संस्थान के ही स्वास्थ्य केन्द्र में रखा गया। इसके अलावा कुछ बच्चे छात्रावास में ही रखे गए। चिकित्सकों का कहना है कि सम्भवत: विषाक्त भोजन से ही बच्चे बीमार पड़े हैं, हालांकि किसी भी बच्चे की स्थिति गम्भीर नहीं है।
जमीन पर बैठे रहे बच्चे
हजार बिस्तर के मेडिसिन विभाग में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के पहुंचने से व्यवस्थाएं भी बिगड़ गई। जिस कारण बच्चों को उपचार के लिए जमीन पर बैठना पड़ा। जबकि कई बच्चों को स्ट्रेचर पर ही लिटा कर ड्रिप चढ़ाई गई।
बच्चे कई दिन से कर रहे थे शिकायत
संस्थान में गंदा पानी, गंदगी सहित अन्य समस्याओं को लेकर छात्रावासों के छात्र वार्डन सहित कुलसचिव से कई बार शिकायत कर चुके थे। लेकिन किसी ने भी बच्चों की परेशानी की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। अगर समय रहते बच्चों की शिकायत का निराकरण होता है सम्भवत: इतनी बड़ी संख्या में बच्चे बीमार न पड़ते।
प्रभारियों के भरोसे संस्थान
एलएनआईपीई संस्थान प्रभारियों के भरोसे ही संचालित हो रहा है। संस्थान में पिछले तीन वर्ष से स्थाई कुलपति की नियुक्ति नहीं हो सकी है। जबकि पांच वर्ष से स्थाई कुलसचिव नहीं है। इतना ही नहीं पिछले दिनों प्रभारी कुलसचिव प्रो. जीडी घई ने अपने चहेते अमित यादव को नियम विरूद्ध तरीके से कुलसचिव का प्रभार भी सौंप दिया है। जिसको लेकर मंत्रालय तक शिकायत भी पहुंच चुकी है।
नोट: इस संबंध में जब कुलपति व कुलसचिव से फोन पर सम्पर्क करना चाहा तो किसी ने फोन नहीं उठाया।