ग्वालियर,नसं। कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में परिवहन विभाग के चेक पोस्ट (बैरियर) संक्रमण फैलाने में पीछे नहीं है। शिवपुरी जिले की बी श्रेणी के सिकंदरा चेक पोस्ट सहित छोटे बड़े विभाग के चेक पोस्ट कोरोना संक्रमण को रोकने में हर दर्जे की लापरवाही पर आमादा हैं।
लॉकडाउन में प्रतिबंधों में लगातार दी जा रही ढील के बाद राज्य सरकार ने परिवहन चेकपोस्टों को चालू तो कर दिया है, लेकिन यहां भारत सरकार के दिशानिर्देशों का पालन नहीं हो रहा है। विभाग के ज्यादातर चेक पोस्ट अपने पुराने ढर्रे पर यानी अवैध वसूली पर लौट आए हैं। इन चेक पोस्टों पर माल वाही वाहनों के स्टाफ की ना तो जांच हो रही है और ना ही इन्हें कोरोना संक्रमण से बचने की समझाइश दी जा रही है। बात सिकंदरा चेकपोस्ट की की जाए तो यहां एक आरटीआई तैनात हैं लेकिन चेक पोस्ट आरक्षकों के भरोसे है। चेक पोस्ट पर कोई प्रधान आरक्षक की तैनाती नहीं है। बता दे परिवहन विभाग की कार्य संस्कृति में आरटीआई अथवा टीएसआई चेक पोस्टों पर यदा-कदा ही अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं।
बहरहाल आरक्षकों के भरोसे चल रहे सिकंदरा चेक पोस्ट से गुजरने वाले वाहनों की कोरोना संक्रमण के मद्देनजर ना तो जांच हो रही है और ना ही बगैर मास्क लगाए, वाहन स्टाफ पर जुर्माना लगाया जा रहा है। यह स्थिति तब है जब यहां पूर्व में तैनात एक आरटीआई को कोरोना संक्रमण के चलते चेक पोस्ट से हटाया गया था। आरटीआई के स्वस्थ होने पर उनकी वापसी तो नहीं हुई लेकिन एक अन्य टीएसआई की तैनाती कर दी गई। लापरवाही की हद यह रही कि टीएसआई के संक्रमित पाए जाने के बाद भी चेक पोस्ट पर तैनात अमले की जांच नहीं कराई गई।
इनका कहना है:-
'आपके द्वारा यह बात मेरे संज्ञान में आई है। शीघ्र इस संबंध में कार्रवाई की जाएगी। '
वी मधु कुमार
परिवहन आयुक्त, मध्य प्रदेश