माफी जैसा कोई सवाल ही नहीं: उज्जैन सिंहस्थ भूमि अधिग्रहण विवाद पर भाजपा MLA चिंतामणि मालवीय बोले

Update: 2025-03-24 09:48 GMT
उज्जैन सिंहस्थ भूमि अधिग्रहण विवाद पर भाजपा MLA चिंतामणि मालवीय बोले
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भोपाल, मध्यप्रदेश। विधानसभा में उज्जैन सिंहस्थ भूमि अधिग्रहण का मुद्दा उठाकर चर्चा में आए भाजपा MLA चिंतामणि मालवीय का एक बयान सामने आया है। उन्होंने पार्टी की ओर से नोटिस मिलने की बात कर कहा कि, 'उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला और इसमें माफी मांगने जैसा कुछ नहीं है।'

भाजपा MLA चिंतामणि मालवीय ने कहा - "मुझे नोटिस नहीं मिला है। मिलेगा तो मैं जवाब दूंगा। यह मेरा और पार्टी का आंतरिक विषय है। विधानसभा में मैंने मुद्दा उठाया है। मैंने सरकार की आलोचना नहीं की। यह तथ्यों से अवगत कराना है सवाल उठाना नहीं...माफी जैसा कोई सवाल ही नहीं होता। कांग्रेस के समर्थन पर चिंतामणि मालवीय ने कहा कि, उनकी बातों का जवाब मैं नहीं दे सकता। मुद्दा उठाना उनका अधिकार है।"

उज्जैन के किसानों की स्थिति पर पूछे गए सवाल को लेकर चिंतामणि मालवीय ने कहा कि, किसान सच में बेहद परेशान हैं। वे आंदोलन भी कर रहे हैं। मुझे लगता है इस पर विचार होना चाहिए।

भाजपा ने राज्य सरकार पर सवाल उठाने के मामले में अपने विधायक चिंतामणि मालवीय को रविवार को नोटिस दिया था। विधायक चिंतामणि मालवीय ने सिंहस्थ क्षेत्र में आध्यात्मिक शहर बसाने के नाम पर किए जा रहे पक्के निर्माण पर सवाल उठाए थे।

हालांकि चिंतामणि मालवीय ने नोटिस मिलने की बात को अस्वीकार कर दिया लेकिन कांग्रेस इस समय चिंतामणि मालवीय के समर्थन में उतर आई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि, 'सच की आवाज उठाना यदि भाजपा में अपराध है, तो यह संविधान और लोकतंत्र के लिए गंभीर संकट और संक्रमण-काल है। देश की जनता देख रही है अनुशासन के नाम पर सच का गला घोंटने वाले अपने ही जनप्रतिनिधि को अब सार्वजनिक रूप से धमका रहे हैं। नोटिस मिलना था - विश्वास सारंग, प्रहलाद पटेल, गोविन्द राजपूत को लेकिन वो मिला चिंतामणि मालवीय को। क्योंकि BJP में एक दलित MLA द्वारा किसान हित में "सच की आवाज" उठाना अपराध हो गया है।'

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