ऑस्ट्रेलिया के विस्फोटक ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। इसके साथ ही उनके 14 साल के शानदार अंतरराष्ट्रीय सफर पर विराम लग गया। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी, अनोखे शॉट्स और उपयोगी ऑफ स्पिन गेंदबाजी के लिए मशहूर मैक्सवेल ने क्रिकेट जगत में अपनी अलग पहचान बनाई। क्रिकेट प्रेमियों के बीच वह 'द बिग शो' के नाम से लोकप्रिय रहे हैं।
मैक्सवेल ने अपने करियर में ऑस्ट्रेलिया के लिए तीनों प्रारूपों में क्रिकेट खेला। उन्होंने 149 वनडे, 130 टी20 इंटरनेशनल और 7 टेस्ट मुकाबले खेले। इस दौरान उन्होंने कई यादगार पारियां खेलकर टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला। वह 2015 और 2023 में वनडे विश्व कप तथा 2021 में टी20 विश्व कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा भी रहे।
विदाई मैच नहीं मिलने का रहेगा मलाल
मैक्सवेल के संन्यास के साथ एक अधूरी इच्छा भी जुड़ी हुई है। उन्हें उम्मीद थी कि वह अपने घरेलू मैदान मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबला खेलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को विदाई देंगे।
एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान मैक्सवेल ने स्वीकार किया कि उनके मन में विदाई मुकाबला खेलने की इच्छा थी। हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ताओं ने आगामी टी20 मुकाबलों के लिए युवा खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी। ऐसे में उन्हें टीम में जगह नहीं मिल सकी।
मैक्सवेल ने चयनकर्ताओं के फैसले को समझने की बात भी कही। उनका मानना है कि टीम में नए खिलाड़ियों को अवसर देना जरूरी है। हालांकि, अपने घरेलू मैदान पर अंतरराष्ट्रीय करियर का अंतिम मुकाबला खेलने का सपना पूरा नहीं हो पाना उनके लिए निराशाजनक रहा।
14 साल के करियर में हासिल कीं कई उपलब्धियां
ग्लेन मैक्सवेल का अंतरराष्ट्रीय करियर उपलब्धियों से भरा रहा। उन्होंने वनडे क्रिकेट में 3,990 रन बनाए, जबकि टी20 इंटरनेशनल में उनके नाम 2,897 रन दर्ज हैं। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 339 रन बनाए। इसके अलावा गेंदबाजी में भी उन्होंने कई मौकों पर टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मैक्सवेल की सबसे बड़ी ताकत सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी रही। वह मैदान के चारों ओर शॉट खेलने की क्षमता रखते थे। उनके अनोखे शॉट्स और तेजी से रन बनाने की शैली ने उन्हें दुनिया के खतरनाक बल्लेबाजों में शामिल किया।
अफगानिस्तान के खिलाफ दोहरा शतक बना ऐतिहासिक पारी
मैक्सवेल के करियर की सबसे यादगार पारियों में 2023 वनडे विश्व कप में अफगानिस्तान के खिलाफ लगाया गया दोहरा शतक शामिल है।
मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया 292 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही थी। एक समय टीम ने महज 91 रन पर सात विकेट गंवा दिए थे और मुकाबला लगभग हाथ से निकलता दिखाई दे रहा था।
ऐसे मुश्किल समय में मैक्सवेल ने मोर्चा संभाला और नाबाद 201 रन की ऐतिहासिक पारी खेलकर ऑस्ट्रेलिया को जीत दिला दी। उन्होंने 128 गेंदों का सामना करते हुए यह उपलब्धि हासिल की। इस दौरान वह मांसपेशियों में ऐंठन से भी परेशान थे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
उनकी इस पारी को वनडे विश्व कप इतिहास की सबसे यादगार पारियों में गिना जाता है।
अब फ्रेंचाइजी क्रिकेट में जारी रहेगा सफर
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बावजूद मैक्सवेल का क्रिकेट करियर पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। वह फ्रेंचाइजी टी20 लीग में खेलना जारी रखेंगे। बिग बैश लीग और अन्य टी20 प्रतियोगिताओं में उनके प्रदर्शन पर क्रिकेट प्रेमियों की नजर रहेगी।
मैक्सवेल का संन्यास ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के एक यादगार अध्याय का समापन है। अपनी आक्रामक शैली, शानदार खेल कौशल और असाधारण पारियों के दम पर उन्होंने दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीता। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा।