ग्वालियर के लिए सीमा लांघनी पड़े तो लांघ दीजिये: ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर का बड़ा बयान

मध्यप्रदेश। भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय के बाद अब मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर (Pradyuman Singh Tomar) बयान चर्चा का विषय बन गया है। मध्यप्रदेश सरकार में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ग्वालियर के औद्योगिक विकास से असंतुष्ट हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Union Minister Jyotiraditya Scindia) के सामने खुले मंच से कहा कि, 'ग्वालियर के लिए सीमा लांघनी पड़े तो लांघ दीजिये।'
मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा - ग्वालियर के औद्योगिक विकास के लिए आपके दरवाजे पर बैठना पड़ा तो बैठ जाऊंगा। आपसे निवेदन है कि, ग्वालियर के विकास के लिए अगर आपको सीमा भी लांघनी पड़े तो लांघ दीजिए।
पीएम मोदी और सीएम मोहन यादव से मुलाकात करने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि, "मैंने ज्योतिरादित्य सिंधिया जी से निवेदन किया है कि, ग्वालियर में दोबारा उद्योग स्थापित हों इसके लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मिलें। इसके लिए हमें भी ले चलिए। जितनी जरुरत ग्वालियर को है उतना अभी नहीं मिल रहा है। मैंने वही बात उनके (केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया) सामने रखी जो जरुरी थी। यह राजनैतिक मुद्दा नहीं, ग्वालियर की बात है।"
इसके पहले भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय ने अपनी सरकार पर सवाल उठाए थे। विधानसभा में उन्होंने सिंहस्थ में स्थायी भूमि अधिग्रहण का मुद्दा उठाया था। इसके बाद भाजपा द्वारा विधायक बताओ नोटिस जारी किया गया था।
भाजपा MLA चिंतामणि मालवीय ने कहा था कि, "मुझे नोटिस नहीं मिला है। मिलेगा तो मैं जवाब दूंगा। यह मेरा और पार्टी का आंतरिक विषय है। विधानसभा में मैंने मुद्दा उठाया है। मैंने सरकार की आलोचना नहीं की। यह तथ्यों से अवगत कराना है सवाल उठाना नहीं...माफी जैसा कोई सवाल ही नहीं होता। कांग्रेस के समर्थन पर चिंतामणि मालवीय ने कहा कि, उनकी बातों का जवाब मैं नहीं दे सकता। मुद्दा उठाना उनका अधिकार है।"