Amit Shah on Naxalism: नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 12 से घटकर अब हुई 6 - केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

Update: 2025-04-01 08:46 GMT
Amit Shah on Naxalism

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Amit Shah Naxalism Zero Tolerance Policy : छत्तीसगढ़। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ दौरे से पहले बड़ी जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि, देश में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में सरकार को बड़ी सफलता मिली है। नक्सली हिंसा से प्रभावित जिलों की संख्या 12 से घटकर 6 हो गई है। बता दें कि, चार अप्रैल को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का छत्तीसगढ़ दौरा प्रस्तावित है। इस दौरान वे बस्तर फाइटर के जवानों से भी मुलाकात कर सकते हैं।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से पोस्ट साझा की है। इसमें उन्होंने जाकारी देते हुए बताया कि, नक्सल मुक्त भारत के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, आज हमारे देश ने वामपंथी उग्रवाद से सबसे अधिक प्रभावित जिलों की संख्या को 12 से घटाकर मात्र 6 कर एक नया मील का पत्थर हासिल किया है। 

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि, मोदी सरकार नक्सलवाद के प्रति निर्मम दृष्टिकोण और सर्वव्यापी विकास के लिए अथक प्रयासों के साथ सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध भारत का निर्माण कर रही है। भारत 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह से जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

छत्तीसगढ़ के चार जिले 

गृह मंत्रालय के अनुसार, भारत में नक्सलवाद से प्रभावित जिलों की कुल संख्या पहले 38 थी। इनमें से, “सबसे अधिक प्रभावित” जिलों की संख्या अब घटकर 6 हो गई है। नक्सलवाद से सबसे अधिक प्रभावित छह जिलों में अब छत्तीसगढ़ के चार (बीजापुर, कांकेर, नारायणपुर और सुकमा) झारखंड का पश्चिमी सिंहभूम और एक महाराष्ट्र का गढ़चिरौली का एक जिला शामिल है।

इसके अलावा संवेदनशील जिलों की संख्या, जिन्हें गहन संसाधनों और ध्यान की आवश्यकता है, 9 से घटाकर 6 हो गई है। ये जिले आंध्र प्रदेश (अल्लूरी सीताराम राजू), मध्य प्रदेश (बालाघाट), ओडिशा (कालाहांडी, कंधमाल और मलकानगिरी) और तेलंगाना (भद्राद्री-कोठागुडेम) में स्थित हैं। 

इस साल अब तक 130 नक्सली ढेर

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा तैयार किए गए आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में साल 2025 में अब तक मुठभेड़ों में 130 नक्सली ढेर हुए हैं। इनमें से 110 से ज्यादा बस्तर संभाग में मारे गए, जिसमें बीजापुर और कांकेर समेत सात जिले शामिल हैं। देश के विभिन्न हिस्सों से 105 से अधिक नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया और 2025 में अब तक 164 ने आत्मसमर्पण कर दिया है।

वहीं साल 2024 में 290 नक्सलियों को न्यूट्रलाइज़ किया गया था, 1090 को गिरफ्तार किया गया और 881 ने आत्मसमर्पण किया था। अभी तक कुल 15 शीर्ष नक्सली नेताओं को न्यूट्रलाइज़ किया जा चुका है।

2014 से 2024 के बीच हिंसक घटनाओं में कमी 

साल 2004 से 2014 के बीच नक्सली हिंसा की कुल 16,463 घटनाएं हुई थीं, जबकि 2014 से 2024 के बीच हिंसक घटनाओं की संख्या 53 प्रतिशत घटकर 7,744 रह गई हैं। इसी प्रकार सुरक्षाबलों की मृत्यु की संख्या 1851 से 73 प्रतिशत घटकर 509 रह गई और नागरिकों की मृत्यु की संख्या 70 प्रतिशत की कमी के साथ 4766 से 1495 रह गई है।

साल 2014 तक कुल 66 फोर्टिफाइड पुलिस स्टेशन थे जबकि पिछले 10 साल में इनकी संख्या बढ़कर 612 हो गई है। इसी प्रकार, 2014 में देश में 126 ज़िले नक्सलप्रभावित थे, लेकिन 2024 में सबसे अधिक प्रभावित ज़िलों की संख्या घटकर मात्र 12 रह गई है। बता दें कि, पिछले 5 वर्षों में कुल 302 नए सुरक्षा कैंप और 68 नाइट लैंडिंग हेलीपैड्स बनाए गए हैं।

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