MP Cabinet Decision: मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को कैबिनेट की मंजूरी, महिला हॉस्टल के लिए केंद्र से मिले 284 करोड़

Update: 2025-04-01 08:11 GMT
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MP Cabinet Decision : मध्यप्रदेश। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को मंजूरी दी गई। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि, कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए केंद्र से 284 करोड़ रुपए मिले हैं।

कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय :

- उद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं के होस्टल्स के लिए केंद्र से 284 करोड़ रुपए मिले हैं। इसके निर्माण का कार्य जल्द ही शुरू होगा। लगभग 5 हजार से अधिक महिलाओं के लिए पहले चरण में व्यवस्था की जाएगी।

- इंदौर में आईटी सेक्टर की कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। इसमें देश और विदेश की 200 से अधिक कंपनियां आएगी। 27 अप्रैल को यह आयोजन होगा।

- MSME और बड़े उद्योगों को सभी सब्सिडी दे दी गई है। इससे ओद्योगिक क्षेत्र में मध्यप्रदेश की साख बड़ी है।

- गेंहूं उपार्जन का दाम 2700 करने का वादा किया था। इस बार हमने 2600 कर दिया है। सभी प्रभारी मंत्रियों को उपार्जन क्षेत्र में जाकर निगरानी करने के निर्देश दिये गए हैं।

- शासकीय सेवकों के लिए सातवें वेतनमान में देय मूल वेतन के आधार पर A श्रेणी के नगरों के लिए 10%, B श्रेणी के नगरों के लिए 7%, c एवं D श्रेणी के नगरों के लिए 5% के आधार पर गृह भाड़ा भत्ता प्रदान किया जाएगा।

- दैनिक भत्ता, वाहन भत्ता, भोजन भत्ता, ठहरने की पात्रता, प्रदेश के बाहर यात्रा के दौरान स्थानीय परिवहन, स्थानांतरण पर घरेलू सामान का परिवहन एवं स्थानांतरण अनुदान, स्थायी यात्रा भत्ता में मूल्य सूचकांक के ऑधार पर वृद्धि की जाएगी।

- परिवहन गरीबों के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है। इसकी आवश्यकता को समझते हुए सरकार ने पॉलिसी तैयार की है। इसके तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में परिवहन सुगम करने पर विचार किया जाएगा। सरकार बस नहीं खरीदेगी लेकिन बस ऑपरेटर्स को इंगेज करेगी। किसी भी प्रकार की हानि की संभावना नहीं होगी। आधुनिक तकनीक पर काम किया जाएगा। पीपीपी मॉडल पर बसों का संचालन होगा। इसके लिए कैमरा निगरानी और कंट्रोल रूम से निगरानी की व्यवस्था भी की जाएगी।

टिकिट के बिना कोई बस में न बैठे इसके लिए सॉफ्टवेयर सोल्यूशन की सहायता ली जाएगी। परिवहन प्रदेश की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सुगम परिवहन की व्यवस्था की जाएगी। बस वालों को नुकसान न हो इसके लिए कार्गो सिस्टम को शुरू किया जाएगा। परिवहन नीति में इसके लिए संशोधन किया जाएगा। सवारी के साथ - साथ कार्गो की भी अनुमति होगी।

औद्योगिक इकाइयों को राशि का भुगतान :

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश ऐसा एकमात्र राज्य है जहां वृहद और लघु सूक्ष्म ,मध्यम उद्योगों को समस्त राशि का भुगतान पूर्ण हो चुका है। लगभग 2500 इकाइयों को यह लाभ मिल रहा है। औद्योगिक इकाइयों को कुल 3100 करोड़ की राशि जो वर्षों से दी जाना लंबित थी, प्रदान करने का कार्य किया गया है। एमएसएमई इकाइयों के लिए 216 करोड़ और वृहद इकाइयों के लिए 1777 करोड़ की राशि इसमें शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने इस सफलता के लिए मंत्री परिषद सदस्यों को बधाई दी।

मंत्रियों को प्रवेश उत्सव सफल बनाने की जिम्मेदारी :

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज से स्कूल चले हम अभियान प्रारंभ हुआ है। इस अभियान के तहत चार दिवसीय विशेष गतिविधियां हो रही हैं। मंत्री गण अपने प्रभार के जिले में एक से चार अप्रैल तक प्रवेश उत्सव को सफल बनाने का प्रयास करें। राज्य में लगभग 85 लाख विद्यार्थियों को सत्र के प्रारंभ में ही पाठ्य पुस्तकें प्रदान करने का निर्णय लिया गया।इसके साथ ही सांस्कृतिक गतिविधियों खेलकूद आदि से संबंधित कैलेंडर तैयार कर क्रियान्वयन का कार्य किया जा रहा है।

जल गंगा संवर्धन अभियान :

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि 30 मार्च से यह अभियान प्रारंभ किया है। अभियान आगामी 30 जून तक चलना है। प्रदेश में 90 दिन से अधिक चलने वाले इस अभियान के निश्चित ही अच्छे परिणाम आएंगे। ऐसा विश्वास है कि इस अभियान को सरकार और समाज द्वारा संयुक्त रूप से क्रियान्वित कर सफल बनाया जाएगा।

गेहूं उपार्जन :

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने प्रदेश में गेहूं उपार्जन का उल्लेख करते हुए बताया की 15 मार्च से उपार्जन प्रारंभ हुआ है। किसानों को 2600 रुपए प्रति क्विंटल की राशि मिल रही है। प्रभारी मंत्री और जनप्रतिनिधि तोल कांटे आदि व्यवस्थाओं का अवलोकन कर इस कार्य के सुचारू संचालन में सहयोग करें। प्रदेश में 14.76 लाख किसानों द्वारा पंजीयन करवाया गया है। अब तक 8 लाख मैट्रिक टन गेहूं का उपार्जन लगभग 1 लाख किसानों से किया जा चुका है। इस माह अर्थात अप्रैल में उपार्जन कार्य में गति आएगी।

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