मप्र से राजस्थान तक 700 किमी में बनेगा वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर: रणथम्भौर, कूनो, माधव और पन्ना नेशनल पार्क एक दूसरे जुड़े, बढ़ेगा पर्यटन…

14 अप्रैल को सागर वन मंडल के डॉ. भीमराव अंबेडकर वाइल्ड लाइफ प्रोजेक्ट का शुभारंभ कर सकते हैं मुख्यमंत्री;

Update: 2025-03-31 07:16 GMT
रणथम्भौर, कूनो, माधव और पन्ना नेशनल पार्क एक दूसरे जुड़े, बढ़ेगा पर्यटन…
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धर्मेन्द्र त्रिवेदी, भोपाल। जल्द ही राजस्थान के सवाई माधौपुर से मध्यप्रदेश के सागर तक 700 किमी के क्षेत्र में उत्तर-मध्य भारत का सबसे बड़ा वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर बनेगा। सागर जिले में प्रस्तावित डॉ. अंबेडकर वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के उद्घाटन के बाद यह कॉरिडोर दोनों राज्यों को जोड़ेगा, जिससे वाइल्ड लाइफ टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।

श्योपुर से पन्ना तक 483 किमी की दूरी में एकमात्र ऐसा क्षेत्र है, जहां वर्तमान में चीता, तेंदुआ और बाघ देखने को मिलते हैं। यह क्षेत्र जयपुर से खजुराहो तक प्रस्तावित नेशनल टूरिस्ट सर्किट का भी हिस्सा बनेगा। जबकि छह वर्षों से अटके सागर वन मंडल के डॉ. भीमराव अंबेडकर वाइल्ड लाइफ प्रोजेक्ट में संशोधन के बाद अब 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा उद्घाटन कराए जाने की तैयारी हो रही है।

वहीं खुरई और मड़देवरा (छतरपुर) के बीच 258.640 वर्ग किमी में फैली इस सेंचुरी से 88 गांव प्रभावित होंगे। जबकि, केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित हो रहे पन्ना टाइगर रिजर्व के 4400 हेक्टेयर क्षेत्र के बदले में सेंचुरी की जगह मिलने से वाइल्ड लाइफ को फायदा होगा।

पर्यटकों को लुभाएगा टूरिस्ट सर्किट

रणथम्भौर, कूनो, माधव और पन्ना टाइगर रिजर्व के बीच 179 से 304 किमी की सड़कें जुड़ी हैं। पन्ना से सागर तक का मार्ग भी लिंक होने के बाद पर्यटकों की सीधी पहुंच होगी। इसके साथ ही यह उत्तर-मध्य भारत का सबसे बड़ा टाइगर कॉरिडोर बन जाएगा। ऐसी उम्मीद है कि यह टूरिस्ट सर्किट पर्यटकों को लुभाएगा।

वन्यप्राणी करेंगे पर्यटकों को आकर्षित

दिल्ली से आने वाले पर्यटक रणथम्भौर में टाइगर, कूनो में चीता, माधव और पन्ना में टाइगर देख सकेंगे। इसके अलावा तेंदुआ, काला हिरण, मगर, भालू, लकड़बग्घा, चीतल, चिंकारा जैसे वन्य प्राणी भी उपलब्ध रहेंगे। चंबल सेंचुरी में घड़ियाल और गंगा डॉल्फिन भी आकर्षण का केंद्र होंगे।

लगातार बढ़ रहा वाइल्ड लाइफ टूरिज्म

वर्ष 2013-14 में 10.9 लाख पर्यटकों से प्रदेश को 2068.29 लाख रु. की आय हुई थी, जो वर्ष 2022-23 में 26.49 लाख पर्यटकों से 5565.33 लाख रु. तक पहुंच गई। वर्ष 2023-24 में यह आंकड़ा 19.91 लाख पर्यटकों से 4206.47 लाख रु. रहा। वर्ष 2024-25 की फाइनल रिपोर्ट में मध्यप्रदेश आने वाले पर्यटकों का आंकड़ा 25-30 लाख से अधिक होगा।

वाइल्ड लाइफ टूरिज्म को बढ़ाने के लिए उत्तर सागर वन मंडल में डॉ. अंबेडकर वाइल्ड लाइफ सेंचुरी का प्रस्ताव संशोधित कर भेजा गया है, इससे वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन के लिए इंटरलिंक कॉरिडोर बनेगा। पर्यटकों की संख्या में भी निश्चित ही वृद्धि होगी। - एल. कृष्णमूर्ति, एपीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ 

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